My New Poem ...!!!!
जहाँ में हर मुलाजिम छुट्टी मनाता है
रोज़मर्रा की भागदौड़ से दूर जाता हैं
बच्चोंकी फ़रमाइश पे परदेश जाता है
पर क्या कभी किसीने यह सोचा भी है
कि प्रभुजीकी बनी एक एसी भी शेह है
जहाँ में जौ पल भर भी बंध ग़र हो जाए
तो सारा ही जहाँ तहस्त-नहस्त हो जाए
जी हाँ यारों जहाँ में एक दिल ही तो है,
जो बिना आराम किए काम करता है.!!
इसलिए उसे खुश रखो चाहे वो अपना
हो या ग़ैरों का या दोस्त या दुश्मन का.!
एक दिल ही तो है जिसमें रब खुद रहता
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