My New Poem ....!!!!
विचारों को वश में कीजिए
वो तुम्हारे शब्द बनेंगे।
शब्द को वश में रखिए,
वो तुम्हारे कर्म बनेंगे।
कर्मो को वश में रखिए,
वो तुम्हारी आदत बनेंगे।
आदतों को वश में कीजिए
वो तुम्हारा चरित्र बनेगा
चरित्र को वश में कीजिए
वो तुम्हारा भाग्य बनेगा
भाग्य को वश में किजीए
वो तुम्हारे लिए मोक्ष का ज़रिया बनेगा
प्रभु ने बनाया तुझे मक़सद से जो
मक़सद वह प्रभु का हक़ीक़त बनेगा..!!
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