बहुत सी कहानियाँ
बनती है, हमारी
और हमे
पता ही नहीं चलता
मुख्य किरदार हमारा
बाते हमारी
और हम
बेखबर रहते है
यूं ही जिन्दगी भर
जीवन के हर मोड़ पर
न जाने
किन-किन के
ख्यालों में पलती है
यादे हमारी........
और हम अनजान.......
उम्र के हर दौर में
हमारे हर किरदार से अलग
कुछ अलग ही
किरदार गढ़े जाते है, हमारे
कुछ अच्छे
कुछ शायद बुरे
किरदार हमारे ......
नामालूम किरदार हमारे
हमारी कहानी से परे
बहुत सी अनजान कहानियाँ
साथ-साथ चलती है, हमारे
यूं ही जिन्दगी भर