मनुष्य सदैव अपने अपराध और दोष को समय, परिस्थिति,दुर्भाग्य जैसे शब्दों की आड़ ले कर बचता हैं
मगर ये उसकी विकलांग मानसिकता के अतिरिक्त कुछ नहीं
कियोकि सम्पूर्ण संसार मे ऐसे कई व्यक्ति हैं जो प्रति दिन बुरे समय, कठिन परिस्थितियों, और दुर्भाग्य से निर्भय हो कर उसका सामना करते हैं
और बिना किसी दोष और अपराध को किये सफल भी होते हैं