मुमकिन होगा
ज्योतिष, हाथ की रेखाएं,
रत्न, सोने - चांदी की मालाएं ।
अंगूठियां और कितने टोटके ,
आगे जाने से क्यों हैं रोकते।
कभी मन में ये विचार किया है ,
अपनों की कही बात का सार गहा है।
ईश्वर पर हो आस्था , करो बडों का आदर ,
इच्छाएं पूरी होंगी बिछा दो प्यार की चादर।
सच यही है कि जीवन सफलतम होगा,
उन्नति की शिखर पर हर एक कदम होगा ।
नसीब से मिलतीं हैं आशीर्वाद और दुआ,
मुमकिन हो जाएगा सब, जो अब न हुआ।
अमृता शुक्ला