सुबह सुबह चाय की चुस्की और दिन का अख़बार !
क्या यही असली सुख है !
और दोस्तों के साथ गप्पो में, सरकार और व्यवस्था को भला बुरा कहना और
सालो से बदलने वाली पॉलिटिक्स और क्रिकेट की बाते बनाना !
इसमें भी तो एक अलग सा आनंद है !
मगर असल में परमानंद ये है के वही अखबार बांटने
वाला लड़का स्कूल फीस के लिए आप को मायूस पता चले !
और आप उस की उस दिन मदद कर दे !