"माँ"
माँ ज़िन्दगी का हर हिस्सा है, माँ से सुरू इस सृष्टि का हर किस्सा है।
माँ के बिना तो शृष्टि का निर्माण अधूरा है, माँ से ही ईश्वर का हर ग्यान भी पूरा है।।
माँ से ईश्वर भी गाली खाने आता है, माँ को वो बनाने नहीं, खुद माँ से कुछ बनने आता है।
माँ जीवन की हर सच्चाई है, जिसको भी जन्नत मिलि यहां वो माँ की हीं रहनुमाई है।
माँ के चरणों में दुनिया भर का सुख, और वचनों में सच्चाई है।
जितनी भी आफत आ के चली गई तेरे ऊपर से, वो माँ कि दुआओं ने ही बचाई है।
माँ जग है जननी भी है माँ जन्न्त भी है स्वर्ग भी है माँ की ममता जिसने पाई है उससे बड़ा नहीं कोई है।