माफ करना कि मैंने तुझसे प्यार किया
माफ करना कि तेरा इंतजार किया
माफ करना कि तुझ पर ऐतबार किया
माफ करना कि यह जीवन तेरे नाम किया।
माफी माँग तो रही मैं अपने गुनाह कि
लेकिन तुझको बता कि कैसे माफ करूँ
हर जगह से मैंने तुझको डिलीट कर दिया
जो छप चुका है दिल पर तेरा अक्स तेरा नम्बर
तू ही बता उसे मैं कैसे साफ करूँ।
तेरी बातें जो गूँजती हैं कानों में मेरे
जो बात बस चुकी है अरमानों में मेरे
आसान है क्या तुझे बस भूल जाना
जब बस चुका तू प्राणों में मेरे।।