जीवन मरुथल होने न देंगे ।
जो निज का है सब दे देंगे।।
एक लक्ष्य है एक ही सपना ।
हर बाला-बालक है अपना ।
जीने का एक हेतु मिला है ।
ईश्वर तुझसे नही गिला है ।
शिथिल आस होने न देंगे ।।
जो निज का है सब दे देंगे ।।
दीप जलाकर हम मानेंगे ।
राह दिखाकर ही मानेंगे ।
बाधाओं मे राह बनाकर ।
रार अशिक्षा से ठानेंगे ।
ज्ञान-दीप बुझने न देंगे ।
अंधड़ निज तन हम झेलेंगे।।