अंदाज
लौट आया मेरा प्यार है।
जीने अनोखा एहसास है।
हर लम्हा इंतजार का है।
हर पल खुशीका खास है।
कलतक तो हाल ठिक था।
ना कह सकू, कोई नजदीक था।
तेरे हूस्न का दीदार हुवा जबसे ।
दिल में बैचेनी पाई है तबसे ।
ना उम्र का लिहाज रहा है।
ना लोंगो का कहना सुना है।
ना तुम्हे पाने की जिद है।
ना तुम्हे खोने का गम है।
बस यु समज लो तुम अब।
दोबारा जी लु भरपुर अब ।
किसीने मुस्कुराकर देखा मुझे ।
किसीने लौटाये फिर रंग मुझे ।
भुल चुका था , उस फरेब को
बेवफाई के काले दिन को
जिंदगी सुकुन भरी चलती रही।
क्युॅं ये नये सावन का ख्वाब है?
क्या जीने का नया अंदाज है।