कवि कलम चला
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"कवि कलम ✍️ चला
ये जहान हैं तेरा,
इसे सुंदर बनाना ,
काम हैं, तेरा,
कुछ शब्द नये संजो,
एक अलग गीत बना,
प्रकृति यू झुलस रही,
पर्यावरण बिगड़ रहा,
इसकी रक्षा के लिए,
तू संरक्षण - गीत बना,
जाग जाए मानव सभी,
जो गहरी नींद में सो रहे,
अपने गीतों की तू कोई
एसी धुन बना,
कवि कलम ✍️ चला ।"
Uma vaishnav
मौलिक और स्वरचित