Megha in matrubharti.
#KAVYOTSAV -2
विषय:अक्ष से मैत्री...
मै बन जाऊ अपनी सहेली
तो जी लू मै अपने लिये (२)
जो बचपन मै खेली गुडियों के
संग।
सपनो में सजाया अपना आंगन
सच हूं या हूं एक पहेली।
मै बन जाऊ अपनी सहेली,...
आया लड़क पन तो हिरनी सी हुई तंग।
अशमा से बरसा ऐसा सावन
झुमु साथ या होलू अकेली
तो जी लू मै अपने लिए
मै बन जाऊ अपनी सहेली...
जवानी के दर पर बदले ये रंग
सच हो गया वो सपनो का जीवन
पिया नाम रची मेहंदी हथेली।
तो जी लू मै अपने लिए....
सच्चाई से हुई अवगत मै दंग
कठिनाई का जीवन मै हे आवन-
जावन।
जीवन ने खेली कैसी ठिठोली
तो जी लू मै अपने लिए हाय....
मै बन जाऊ अपनी सहेली
तो जी लू मै अपने लिए हाय तो
जी लू मै अपने लिए।(२)
मेघा....