*" डॉक्टर की करामात "*
शक्ति : "कई दिनों से तुम दिखाई नहीं दी |"
मुक्ती : " तबीयत ठीक नहीं थी तो मैंने डॉक्टर को दिखाया | पर डॉक्टर से भी ठीक ना हुआ तो मैंने अपने तरीके से थोड़ी डॉक्टर की दवाई थोड़ा घरेलू उपचार कर ठीक हो गई |"
शक्ति : " ऐसा क्या हुआ था कि डॉक्टर भी ठीक न कर पाए ?"
मुक्ति : " क्या बताऊं शक्ति कितने अनुभवी डॉक्टर थे 30 -35 साल का अनुभव था पर एक बार दिखाने गई दोबारा 2 महीने बाद दिखाने जाने की शक्ति नहीं थी तो मैंने अपने भैया को भेजा | मुजे जो कुछ होता था सब कुछ एक कागज में लिखा फिर भी डॉक्टर कहते हैं कि आप इधर आओ तो मैं जांच पड़ताल कर आपको दवाई दुं | उसकी फाइल में लिखा भी था कि आप फोन पर भी पूछताछ कर सकती है पर उन्होंने कहा 2 महीने पुराना केस है तो देखने के बाद ही पता चलेगा | मैंने फोन पर बात की और कहा कि आप इतना तो कर दो कि मैं वहां तक पहुंच सकूं, ऐसी तो कोई दवाई लिख दो | फिर भी उन्होंने लिखा नहीं तो मैं दूसरे डॉक्टर के पास दवाई लिखवाई और फिर घरेलू खानपान में ख्याल रखा और मेरी तबीयत धीरे-धीरे सुधरने लगी | अब तुम ही बताओ शक्ति कि इतने अनुभवी डॉक्टर है जो 5 महीने पहले की नई दवा का नाम याद रख सकते हैं तो क्या उसे इतना अनुभव ना होगा कि कहने पर वह दवाई लिख सके उसे तो पैसे चाहिए थे मुझसे इसलिए वह मुझे भर्ती कराना चाहते थे |"
शक्ति : " मुक्ति ! तुम ठीक केह रही हो वह तुम्हें पता है ना चेतन की मम्मी उसे भी डॉक्टर ने ऑपरेशन के लिए कहा था तो चेतन और उसकी मम्मी तो गए ऑपरेशन करवाने | पर वह ऑपरेशन करवाने जितना बड़ा था ही नहीं इसलिए वह सुबह से लेकर दोपहर तक बिना खाए पिए मां बेटे बैठे रहे और डॉक्टर को पूछते रहे कि कब होगा ऑपरेशन कब होगा ऑपरेशन तो उन्होंने जवाब देते गए कि बस आधे घंटे में 1 घंटे भर में करते है ऑपरेशन | तैयारी चल रही है ऐसा केहते केहते सुबह की दुपेहर हो गई फिर चेतन को आया गुस्सा मेरी मां ने सुबह से कुछ खाया पिया नहीं और आप घंटे भर में हो जाएगा घंटे पर में हो जाएगा कहकर दोपहर होने को आई फिर भी आप कुछ कर नहीं रहे अब हमें ऑपरेशन नहीं करवाना | यह केहकर चेतन उसकी मां को लेकर घर वापस आ गया और दूसरे डॉक्टर के पास दिखाया तो दवाई से ही उसकी मां को ठीक हो गया | डॉक्टर को पता चल ही जाता है कि कितना क्या करना है | पर पैसे की लालच में वह सब ऐसा टेस्ट वगैराह करवाए करते हैं |
मुक्ति : " सही कहती हो कभी-कबार ऐसा भी होता है पैसों की लालच के चलते डॉक्टर यह सब करते हैं और बेचारे भोले-भाले इंसान को फंसा देते हैं |"...ॐD