# Kavyotsav 2 : Love
# काव्योत्सव २ : प्यार
:: मैने ::
किसी ने कहा , मुझसे बात मत कर ।
मै बहोत बुरा हुँ , मुझे याद मत कर ।।
पीछे मुडकर देखा मैने , आँखें अपनी पोछ रहा था ।
हँसके उसको बोला मैने , फिर तुं क्युं रो रहा था ।।
अपने आप को बुरा कौन कहता है , मेरे यार ।
दुसरो के लिए, जिसके दिलमें होता है प्यार ।।
अपना प्यार नहीं जता सकती मैं, सुन मेरे यार ।
दोस्ती तुम्हारी खोना नहीं चाहती मैं , अब दुर जा रही हुंँ मेरे यार ।।
बता दिया मैने तुझे अब मेरा हाल ।
तुं रखना अब खुद का खयाल , ना करना अपना हाल बेहाल ।।
पता है मुझ को , किया था सच्चा प्यार तुमने ।
छोड़ा है तुझ को, बेवफाई करके तेरे साथ मैने ।।