?दिखावे में हमेशा डर लगा रहेता है छीन जाएगा तो !?!
?पर सरलता / सहजता / सादगी में डर नहीं रेहता छीन जाएगा |...ॐD
?जो प्यार करे उसी की तरफ झुकाव होता है | या जीने से प्यार करवाएंगे उसीको प्यार करेंगे जैसे कि चीज
?जो इज्जत दे सन्मान दे उसी की तरफ झुकाव होता है | रोक टोक के बदले छुट या सीर्फ रोक टोक तो बिगड़े ही बात पर जब जरुरत तब शाबाशी और रोक टोक तो संभली रहे बात |आदि
?जीन से डर है कि ऐसा होगा तो !?!
?अगर करें ही नहीं तो डर भी न रहेगा
?जैसे बिमारी से डर है तो पोष्टिक ही आहार लें तो बिमारी का डर रहेगा नहीं | वैसे ही गलत करने पर सजा मीलती है तो गलत ही ना किया जाए तो सजा का डर रहेगा ही नहीं |...ॐD