प्यार की उन बाँतो से ,
दो चार मुलाकातों से ।
बन जाते हैं रिश्ते ,
गहरे जज्बातों से ।
चाँद भी दमक उठा ,
तेरी नूर भरी रातों से ।
याद आते ही बरस पडी ,
अंखिया बरसातों से ।
जोड़ लिए है रिश्ते ,
अब हर हालातों से ।
प्रेम का यह अटूट बंधन ,
गहरा है , सब नातों से ।
'प्रेम दिवस " की शुभ कामना ,
प्रेषित , प्रिय दोस्तों से ।