मै तन्हाई मे भी ....उनसे ज़ुदा होने से डरता हूँ,
उन्हे पाना अभी बाकी है ....और खोने से डरता हूँ।
मेरी आँखो के आईने मे एक तस्वीर रहती है।
ना धुँधला जाए ....उस रंग मै रोने से डरता हूँ॥
मुझे नीँदो मे ग़ुम पाकर ...चले जाओ न..… तुम आकर।
दीया जलता है सारी रात और मै सोने से डरता हूँ॥