तुम हो तो , फिर बार बार क्यों सोचती हूं कि तुम अपने होने का प्रमाण दो। कह दो आज फिर से ,कि साथ हूं मैं तुम्हारे अभी भी। एक बार तो दिखा दो वो चेहरा , जिसपे ये जान बार बार जाती है। दिल नहीं भरता, आखे बदल जाती थी मेरी तुम सामने होते थे,जब प्यार से देखते थे मुझे। अब तो कभी कभी मन को समझाना मुश्किल हो जाता है। रंगत बदल जाती थी मेरी ,तुम्हारे आने से।तुम हो तो कह दो ना!!