लोग कहते गए ,हम सुनते गए
उदासी के जाले यूं ही बुनते रहे !
जहान में कौन है यहां परफेक्ट बना
फिर भी आदतन लोग नुक्स निकालते गए !
हर एक मोड़ पे हमें सब जज करते रहे
लोग राह दिखाते गए ,हम चुनते गए !
कौन होती है दुनिया हमें परखने वाली
ये ना कभी सोचा, यूं ही बस उलझते गए !
खुद की है जिंदगी, अपने सलीके से जियो
समझे जब ये, खुद ही खुद संभलते गए !