पर्दा रुखसार से हटा दीजिये
मेरी सरकार कुछ मुस्कुरा दीजिये
मर न जाये कोई निगाह-ए-शोख से
इस तरह से न कोई गुनाह कीजिये
हया-ए-दस्तूरआये कोई सामने
लाजिमी है निगाहें झुका लीजिये
हो गया है गिरफ्तार जुल्फों मे दिल
है गुजारिश कि दिल को रिहा कीजिये
आशिक देगा दुआयें तुम्हे उम्र भर
इक दफा प्यार से बस सदा दीजिये