मेरी साँसों की पनाहों में बसने लगा तू धीरे - धीरे
मेरी चाहतों की दुनियाँ में छाने लगा तू धीरे - धीरे
तेरी रहमतों से खाली नहीं मैं
यह मुझको समझ आने लगा मगर धीरे -धीरे
मेरी ख़्वाबों की दुनियाँ सजाने लगा तू मगर धीरे - धीरे
मेरी खामोशियों में तेरी वन्दगी का असर होने लगा धीरे - धीरे
वो आकर पहलू में ऐसे बैठे मेरी सांसे रंगीन हो गई
मगर धीरे - धीरे ...