बेतहाशा दिल टूट जाने का गिला रखते हैं,
हम भी आंखों में झील सा सिला रखते हैं,,,,
हर मुस्कान के पीछे एक दर्द छुपा है,
लोग सोचते हैं कितना हम हौसला रखते हैं,,,,
तेरी यादों का सफर, कश्ती बिना साहिल के,
फिर भी दिल में एक उम्मीद जला रखते हैं,,,
टूटे ख्वाबों की किरचों(टुकड़ा)को समेटा हमने,
इन जख्मों में भी एक हौसला रखते हैं,,,
हर रात जख़्म बन जाती है तन्हा दिल के लिए,
सुबह की आस में मगर, दीप जला रखते हैं,,,,
- Manshi K