Hindi Quote in Blog by Vivek Patel

Blog quotes are very popular on BitesApp with millions of authors writing small inspirational quotes in Hindi daily and inspiring the readers, you can start writing today and fulfill your life of becoming the quotes writer or poem writer.

"Unkahe रिश्ते - 3" by Vivek Patel read free on Matrubharti
https://www.matrubharti.com/book/19940514/unkahe-rishtey-3

आप सोच रहे होंगे येह तो कोई जगह हुए मिलने की, मुलाकाते तो ज्यादातर वहाँ होती है जहा एकांत हो, जहा एक दूजे को परेशान करने को कोई नही हो। लेकिन हमें कोई फर्क नही पड़ता था। हम दोनों एक दुझे मे ऐसे घूम होते थे जैसे बारिश मैं जुमता हुआ मोर, जैसे खिलोने से खेलता छोटा सा बालक, हम अपने मे मगन रेहते। स्टेशन का सोर ज़्यादातर कानो पर पड़ता नही था। लॉगो की भीड़ हमे परेशान नही करती बल्कि लोगो की भीड़ हमे एक दुजे से बांधे रखती थी।

read full Blog through above link...

Hindi Blog by Vivek Patel : 111867508
New bites

The best sellers write on Matrubharti, do you?

Start Writing Now