"उसकी अच्छाई"
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वो बहुत अच्छा इन्सान हैं,
शायद इसलिए मैं भी अपनी अच्छाई बचाए रख सकी
जब भी रास्ते धुंधले हुए,
और मन थोड़ा भटकने लगा,
पर उसकी बातों ने संभाल लिया।
उसने मुझे बदला नहीं,
बस याद दिलाया
कि मैं कैसी थी
और कैसी रह सकती हूं
उसने कभी मुझे रोका नहीं
बस इतना कहा......
"तुम जैसी हो,वैसी ही अच्छी हो,
खुद को मत बदलना।"
और शायद वही शब्द थे
जिन्होंने मुझे बिगड़ने नहीं दिया।
दुनिया में लोग अक्सर एक दूसरे को बदल देते हैं,
पर कुछ ऐसे भी लोग होते हैं
जो हमारी अच्छाई को बचाए रखते हैं।
अगर मैं आज भी
वैसी ही हू जैसी पहले थी,
तो उसमें मेरी कोशिश कम
और उसकी सीख ज्यादा है।
क्योंकि कुछ लोग
हमारी जिंदगी में आकर हमे बदलते नहीं....
बस हमे बेहतर इंसान बने रहने
कि वजह दे जाते है।
_Sunita