जीता जागता इन्सान ऐसे केसे चला जाता होगा
आज तक जिससे कई शिकायतें थी
किसी बात की नाराजगी थी
कई फरियादे थी
वो अचानक से यादों में केसे तब्दील हो सकती है
किसे पता कोन कब तक रहने वाला हे
ओर कब उसका सफर खत्म हो जाए
उससे पहले सबको माफ करदो
कई देर न होजाए।
~ वंदना