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खरीद सकते है बिस्तर महंगे नींद कहां से लाएंगे आलीशान घरो में भी सुकून कम ही पाएंगे गहने खरीद लो लाखो के लॉकर को ही सजाएंगे मानव तू कब समझेगा नींद्रा से कब जगेगा कब जागेगा ??!!!! #निद्रालु
पहले थोड़ा सोच ले कटु वचन ना कहें दोस्तीया रिश्तेदारियां बुझ न जाए सोचले क्या फायदा गर दिल जले इससे तो हम खामोश ही भले #कटु
अक्सर निर्दई बन जाता है क्यू तू मन??? कभी तो सुन लिया कर अपने दिल की धड़कन धड़कती है ये दिन रात तेरे खातिर फिर भी मन तू बनता है कितना शातिर साथ देता हैं ये शुरूवात से अंत कब सीखेगा तू इस दिल का जतन?? #निर्दयी
टूट रहा है वतन बिखर रहा है वतन करोना के कहर से जूझ रहा है वतन एक दो नहीं चलो सारे बागी बन जाते हैं करोना के इस कहर से मिलकर वतन को बचाते है दिया है बहुत कुछ वतन ने अब लौटाने की बारी हमारी है मौका आया है मुश्किल से हाथ चलो साथ निभाते है चलो साथ निभाते है!!!!! #बाग़ी
ઉગ્ર સ્વભાવી માર્યા ગયા રાવણ હોય કે દુર્યોધન એક એ રચી રામાયણ બીજાએ મહાભારત નું કર્યું સર્જન સમજ સે તું કયારે માનવ માણસાઈ નું કર સર્જન ઉગ્રપણા નું વિસર્જન કર શીઘ્ર વિસર્જન #उग्र
ज़िंदगी देने वाले जीना सिखा दे ए ख़ुदा बंदगी तेरी कर सकु इस लायक बनादे ए खुदा ख्वाहिश मेरी इतनी सी तू मान जा ए खुदा #लायक़
ठहरी सी थी जो ज़िंदगी शीघ्र ही चल पड़ी है मुसाफिरों की भीड़ भी सिर उठाकर चल पड़ी है कुछ आंखो में है डर कुछ के खुशी बड़ी है इन काफिलों के ज़हन में सवालों की लड़ी है जवाबो के तलाश में फिर से यह चल पड़ी है ठहरी सी थी जो ज़िंदगी शीघ्र ही चल पड़ी है!!!!! #शीघ्र
अंजाम से बेखबर तो हम भी न थे आगाज़ की खुशियां मनाते रहे जीने के लिए बहाने तो बहुत थे फिर भी सुकून की तलाश में भागते रहें भागते रहें !!!!!!!!! #शांत
ना कुबेर के ख़ज़ाने में ना अंबानी के धनालय् में कीमती तो बस कुछ यादें है हमारे पास जो सहज कर रखी हैं अपने दिल के आशियाने में #कीमती
सुहानी सी सुबह देखो मुस्कुराई है कैद थी जो बादलों में फिर लौट आई है गज़ब का सुकून हवाएं भी लाई है सुहानी सी सुबह देखो मुस्कुराई है कैद थी जो बादलों में फिर लौट आई हैं फिर चल पड़े हैं सब अपनी मंजिल की ओर शांती ही शांती फिज़ाओं में भी छाई है सुहानी सी सुबह देखो लौट आई हैं!!!!! #शांतिपूर्ण
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