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ArUu

ArUu Matrubharti Verified

@aruuprajapat6784
(863.3k)

Dear parents,
आपके अपने कर्म ही आपकी वास्तविक पहचान और सम्मान तय करते हैं।
इसे अपनी संतान के व्यवहार पर निर्भर मत कीजिए।
हर बार बच्चों की गलतियों को
अपनी प्रतिष्ठा से जोड़ देना
ना उनके लिए उचित है,
ना आपके लिए।
संतान आपकी हो सकती है,
पर उसके विचार, उसके निर्णय
और उसके कर्म उसके अपने होते हैं।
उन्हें अपनी छवि का विस्तार बनाकर
आप उनके अस्तित्व को सीमित कर देते हैं।
संस्कार देना आपका दायित्व है,
पर हर परिणाम को अपने नाम से जोड़ लेना
एक अनावश्यक आग्रह है।
सम्मान विरासत में नहीं चलता,
वह प्रत्येक व्यक्ति अपने आचरण से अर्जित करता है।
इसलिए बेहतर यही है कि
आप अपने कर्मों पर ध्यान दें,
और उन्हें उनके हिस्से का जीवन
सम्मान के साथ जीने दें।

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Recently i realize
मैं सोती नहीं हूँ भाई,
सीधा स्वर्ग सिधार जाती हूँ 😌✨

मैं आज भी लड़ती हूँ उन पलों से…
लड़ती हूँ उन मनहूस लम्हों से
जो नींद का लालच देकर
तुम्हें मुझसे छीन ले गए।

जिनसे सालों पहले लड़ा करती थी,
आज भी कुछ लम्हे
अचानक से पुरानी यादों के बवंडर में
धकेल देते हैं मुझे।

मैं छटपटाती हूँ उससे बाहर आने के लिए…
वर्तमान से अचानक
अतीत के उन मनहूस पलों की स्मृति
मुझे किंचित विकल कर देती है।

मैं उस त्रासदी को
अपने हृदय में भी नहीं दोहराना चाहती…
फिर क्यों मेरा वक्त
हर दफ़ा वहीं जाकर ठहर जाता है?

और मैं…हर बार
उसी थमे हुए पल के सामने
खड़ी रह जाती हूँ,
जहाँ तुम थीं,और जहाँ से तुम
हमेशा के लिए ओझल हो गईं।
ArUu ✍️

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मुझे आबादी से डर नहीं लगता,
मुझे सुनसान जगह से डर लगता है…
पर मुझे भीड़ से भी डर लगता है।
उस भीड़ से,
जिसकी अपनी कोई सोच नहीं होती,
जिसका कोई स्पष्ट मत नहीं होता,
जिसके दिल में कभी-कभी करुणा भी नहीं होती।
भीड़ में चेहरे बहुत होते हैं, पर इंसान कम दिखते हैं,
आवाज़ें बहुत होती हैं, पर सवाल पूछने वाले कम होते हैं,
और पत्थर उठाने वाले ज़्यादा।
भीड़ अक्सर न्याय नहीं करती,
बस शोर करती है…और उस शोर में
किसी की चीख, किसी की सच्चाई,
किसी की मासूमियत चुपचाप दब जाती है।
और सबसे ज़्यादा दर्द तब होता है,
जब उस भीड़ में किसी की आँखों में
एक पल को भी संकोच नहीं होता…
जैसे संवेदनाएँ
कहीं पीछे छूट गई हों, जैसे दिलों पर
एक अदृश्य परत जम गई हो,
जहाँ किसी के टूटने की आवाज़
किसी को सुनाई ही नहीं देती।
भीड़ में खड़े लोग अक्सर यह भूल जाते हैं
कि सामने खड़ा व्यक्ति सिर्फ़ एक चेहरा नहीं —
एक पूरी कहानी होता है, जिसमें उसके सपने,
उसकी थकान, उसकी उम्मीदें
और उसकी चुप पीड़ाएँ भी होती हैं।
लेकिन भीड़ कहानियाँ नहीं देखती,
वह सिर्फ़ दृश्य देखती है,और उसी क्षण
निर्णय सुना देती है।
शायद इसलिए कभी-कभी मुझे लगता है
कि असली साहस भीड़ का हिस्सा बनने में नहीं,
भीड़ से अलग खड़े होने में है ।
ArUu ✍️

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नहीं तो
मुझे कहाँ है शिकायत…🫣
मुझे तो गर्व है।
गर्व है इस बात का कि
I’m the best creature created by God ❤️
कौन सा प्राणी होगा भला औरत से ज्यादा महान?
शायद जब भगवान सबसे सुखद मनःस्थिति में होंगे,
तभी उन्होंने एक स्त्री का सृजन किया होगा…
क्योंकि स्त्री से अधिक
सरल, सौम्य, संवेदनशील, समझदार,
साहसी, सहनशील, स्नेहमयी,
सजग, समर्थ, सृजनशील,
संस्कारवान और सशक्त
प्राणी इस जगत में और कहाँ होगा?

सच है न कि
स्त्री सिर्फ़ एक शब्द नहीं,
समर्पण, शक्ति और सृष्टि का सुंदर संगम है।
So proud to be a woman 😌
हर उस स्त्री को सलाम
जो संघर्ष में भी संभलना जानती है,
संवेदना में भी शक्ति बनना जानती है,
और अपने साहस से संसार को संवारना जानती है।

Happy International Women’s Day
my all strong, stunning womaniyaaaas ❤️
ArUu ✍️

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अपनी ख्वाहिशों के बोझ तले मेरी खुशियां छिन ली तुमने...
अपनी इज्जत के खेल में इतना मशगूल हुए कि
मेरे सपनों की आह भी न सुनाई दी तुम्हें।
हां जानती हूं ...🙂
बेशकीमती है तुम्हारे अरमान
सिर्फ इसलिए मेरे पंखों को नोच लिया तुमने
होली पसंद नहीं है न तुम्हें
तो कहो.😇
कैसे रंग लिए अपने हाथ
मेरे मासूम सपनों के खून से🙂
चलो मैं तो कर लूंगी माफ
पर
क्या जवाब दोगे उस परमात्मा को
जब वो पूछेंगे
"क्यों एक मासूम सी जिंदगी छीन ली तुमने
क्यों अपनी चाहत के चक्रव्यूह में उसे इतना उलझाया
की जो सांसे उधार दी थी
को भी समय से पहले लौटा दी मुझे"🙂
ArUu ✍️

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जो लिखते हैं कड़वा सा,
कभी तो उनका हृदय भी नाज़ुक रहा होगा,
किसी अधूरी उम्मीद ने
शायद उन्हें यूँ सख़्त बनाया होगा।
शब्दों में भले चुभन हो उनकी,
पर भीतर कहीं कोई कोमल कोना होगा,
जिसने हर बार टूटकर भी
ख़ामोशी से खुद को जोड़ा होगा।
हर तीखी बात के पीछे
एक अनकहा सा डर छुपा होगा
और हर कठोर मुस्कान में
कोई पुराना दर्द सोया होगा
शायद वो भी कभी
मासूम सपनों में खोए होंगे,
किसी की बातों पर हँसे होंगे,
किसी के लिए रोए होंगे।
उसने भी चाहा होगा कभी
बिना डर के मुस्कुराना,
पर वक़्त ने सिखा दिया होगा
हर एहसास को दिल में छुपाना।
कड़वाहट अक्सर सच नहीं होती,
वो तो बस एक परत होती है,
अंदर कहीं गहराई में
एक नर्म सी चाहत सोती है।

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ये जो लिखते है कड़वा सा
कभी तो किसी के लिए उनका हृदय भी नाजुक रहा होगा
ArUu ✍️

ऐ मेरे कोमल से हृदय
तू व्यर्थ की चिंता मत कर
मैं जानती हूं
तू सिर्फ मेरे लिए बिना रुके
अथक परिश्रम करता है
तू निरंतर चलायमान रहता है
ताकि मैं गतिमान रह सकू
मेरा यकीन कर
जिस क्षण तू गतिहीन हो
स्थिर अवस्था मैं आ जायेगा
उस दिन भी तू कई लोगो के जेहन में
जिंदा रहेगा ।
किसी में जलन बन तो किसी में ज्वाला बन कर
किसी में करुणा बन तो किसी में क्रांति बन कर
किसी में विरह बन तो किसी में वेदना बन कर
किसी में दोस्ती बन तो किसी में दुलार बन कर
किसी में प्रेम बन तो किसी में पश्चाताप बन कर
भले ही तू थम जाए
पर यकीन कर ...हर हृदय में तू जिंदा रहेगा
असीमित अनगिनत अनंत स्मृतियां बन
और जब समय की धूल
तेरे हर निशान को ढकने लगेगी,
तब भी तेरी धड़कनों की गूँज
कई रूहों में सुनाई देगी।
कहीं वो प्रेरणा बनकर उभरेगी,
कहीं अधूरी कहानी बनकर ठहरेगी,
कहीं मुस्कानों की वजह होगी,
तो कहीं आँखों की नमी बन बह जाएगी।
जब तक स्मृतियों का आकाश है,
तब तक तेरा अस्तित्व अमर रहेगा। ✨❤️

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देख बहन
इस दुनिया में कोई भी भरोसे के लायक नहीं है
और मैं तो बिल्कुल नहीं
क्योंकि मैं पैसे उधार दे के वापस मांग लेती हूं🙈🤣
ArUu ✍️

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