inteqam, chapter-39 in Hindi Love Stories by Mamta Meena books and stories PDF | इंतेक़ाम - भाग 39

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इंतेक़ाम - भाग 39

तभी लगभग 2 घंटे बाद डॉक्टर आया और वह हैरान और आश्चर्यचकित होते हुए बोला संगीता जी और सुनील दत्त दोनों के ही बच्चे बिल्कुल ठीक है,,,,

डॉक्टर के समझ में नहीं आ रहा था कि बिना इंजेक्शन या दबा के बिना संगीता के बेटे की हालत में अचानक सुधार कैसे हो गया, जबकि यह सब कुछ सन्नो सुनील दत्त और निशा की प्रार्थना ओं का फल था,,,,,

दोनों दौड़ कर अपने बच्चों के पास गए और उन्हें गले लगा लिया, सुनील दत्त की आंखों में आंसू थे बह यह सोचकर सन्नू को बार-बार दुहाई दे रहा था कि अगर आज उसने सही वक्त पर वह इंजेक्शन नहीं दिया होता तो शायद उसके बच्चे की जान नहीं बच पाती और शायद भगवान ने सन्नो कि इस महानता से खुश होकर उसके बच्चे को भी बिल्कुल सही कर दिया,,,,,

  3 दिन बाद संगीता और सुनील दत्त दोनों के बच्चों को हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी गई ,दोनों ही अपने अपने बच्चों को लेकर अपने घर चले गए, अब दोनों के बच्चे ही पूरी तरह सुरक्षित स्वस्थ हो चुके थे,,,,,

एक दिन निशा और सुनील दत्त संगीता के घर गई उन्हें आई देखकर संगीता बोली आइए आइए,,,,,

यह कहकर उसने दोनों को बिठाया और उनके लिए चाय नाश्ता लेने चली गई, उस दिन संगीता के पिताजी भी घर पर ही थे क्योंकि उनकी थोड़ी तबीयत ठीक नहीं थी,,,,

जैसे ही संगीता चाय नाश्ता लेकर आई और सभी को चाय नाश्ता देकर खुद भी वहीं बैठ गई,,,

तभी निशा बोली सन्नो वह हमें तुमसे कुछ बात करनी है,,,,

यह सुनकर सन्नो मुस्कुराते हुए कहने लगी कि बोलिए,,,,

तब निशा बोली बात मुझे नहीं भैया को करनी है और आज मैं उसकी बहन की हैसियत से यहां आई हूं,,,,,

यह सुनकर संगीता बोली मेरे कुछ समझ में नहीं आ रहा,,,,

तब सुनील दत्त ने कहा संगीता उस दिन तुमने मेरे बेटे की जिंदगी बचा कर मेरे दिल में एक खास जगह बनाई है, मैंने बहुत सोचा लेकिन फिर भी मैं अपने आपको कहने से नहीं रोक पाया, जो कुछ तुमने मेरे बेटे के लिए किया वह सिर्फ एक मा कर सकती है, आज तक मैंने दूसरी शादी इसलिए नहीं की क्योंकि मैं नहीं चाहता था कि कोई सौतेली मां आकर मेरे बच्चों को किसी भी प्रकार का कोई दुख पहुंचा है, लेकिन तुम्हें देखने के बाद मुझे यह एहसास हो गया कि तुम मेरे बच्चों को एक सगी मां से बढ़कर प्यार दे सकती हो और अगर तुम्हें कोई एतराज ना हो तो क्या तुम हमेशा के लिए मेरे बच्चों की मां बनोगी संगीता मैं तुमसे वादा करता हूं कि तुम्हारे बेटे को कभी भी एक बाप के प्यार की कमी महसूस नहीं होने दूंगा, क्या तुम मुझसे शादी करोगी सुनील दत्त ने एक साथ में ही घबराते हुए पूरी बात कह दी,,,,,

उसकी बात सुनकर संगीता हैरान रह गई और वह हैरानी से उनकी तरफ देखने लगी और फिर धीरे से बोली देखिए सर,,,,

तब उसकी बात बीच में ही काटते हुए निशा बोली हां सन्नो तुम मेरी बहन जैसी है और मैं तुम्हारी खुशी चाहती हूं मैं भी इसमें भैया के साथ हूं और मेरी भी यही इच्छा है कि तुम और भैया दोनों शादी कर एक दूसरे के जीवन साथी बन जाओ,,,,