Inteqam - 31 in Hindi Love Stories by Mamta Meena books and stories PDF | इंतेक़ाम - भाग 31

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इंतेक़ाम - भाग 31

दूसरे दिन विजय जल्दी ही निशा के ऑफिस पहुंच गया और उसने चौकीदार से कहकर निशा से मिलने के लिए कहा,,,,,

चौकीदार उसकी चिट्ठी ले कर अंदर गया लेकिन निशा ने इस बार भी गुस्से में उस को एक तरफ फेंक दिया है,,,,

कुछ देर तक विजय ने इंतजार किया फिर वह गुस्से में ऑफिस के अंदर घुस गया,,,,

चौकीदार ने उसे रोकने की बहुत कोशिश की लेकिन विजय नहीं रुका वह सीधे ही निशा के केबिन में पहुंच गया और बोला निशा मुझे तुमसे जरूरी बात करनी है,,,,,

उसे देखकर निशा गुस्से में चौकीदार की तरफ देख कर बोली इसे अंदर किसने आने दिया,,,,

यह सुनकर चौकीदार घबराते हुए बोला मैंने काफी रोकने की कोशिश की लेकिन यह नहीं रुका मैडम,,,,,

यह सुनकर निशा गुस्से में बोली नहीं रुका तो क्या हुआ अब निकाल दो यहां से,,,,

यह सुनकर विजय बोला नहीं निशा मैं तुमसे बात किए बगैर नहीं जाऊंगा यह कहते हुए विजय का गला भर आया समझी तुम,,,,,

लेकिन निशा के कहने पर बाकी के दो चौकीदारों ने और आकर विजय को पकड़कर जबरदस्ती ऑफिस से बाहर निकाल दिया,,,,,

विजय चिल्लाता रहा लेकिन निशा उससे बात करना सही नहीं समझा, उसे चिल्लाते देख कर ऑफिस के सभी लोग निशा की तरफ हैरानी से देख रहे थे,,,,,,

विजय को ऑफिस से बाहर निकाल दिया लेकिन विजय कहां मानने वाला था वह तो निशा से मिलकर ही जाना चाहता था इसलिए वह भी ऑफिस के बाहर बैठ गया और वही उसका इंतजार करने लगा,,,,,

निशा अब गुस्से में थी उसे समझ नहीं आ रहा था कि उसने सही किया या गलत और अब  करे तो क्या करें, उसका काम में भी मन नहीं लग रहा था,,,,,

कुछ देर ऑफिस में रुकने के बाद निशा ने सोचा कि विजय शायद अब गया होगा इसलिए वह अपने घर जाने के लिए ऑफिस से जैसे ही बाहर निकली तो विजय ने उसे आवाज दी,,,,,

अब विजय की आवाज सुनकर निशा ने विजय की तरफ नहीं देखा और विजय उसे आवाज देते हुए उसकी तरफ जाने लगा, लेकिन निशा जल्दी से अपनी गाड़ी में बैठकर जैसे ही गाड़ी स्टार्ट की विजय गाड़ी के पीछे भागने लगा,,,,,

निशा अनदेखा करते हुए जाने लगी तभी विजय पागलों की तरह उसकी गाड़ी के पीछे भाग रहा था, तभी रोड पर आते हुए किसी साधन ने विजय को टक्कर मार दी और विजय चिल्लाते हुए खून से लथपथ वहीं गिर गया,,,, 

निशा ने इसलिए कि विजय अब भी उसकी गाड़ी के पीछे भाग रहा है क्या है देखने के लिए जैसे ही पीछे की तरफ देखा तो विजय को खून में लथपथ गिरते देखकर वह घबरा गई और जल्दी से ड्राइवर से गाड़ी रोकने के लिए कहा,,,,,,

अब गाड़ी के रुकते ही निशा पागलों की तरह चिल्लाते हुए रोते हुए दौड़कर विजय के पास गई और उसका सिर अपनी गोदी में रखकर उसे होश में लाने की कोशिश करने लगी, लेकिन विजय बेहोश था तो निशा ने जल्दी से ड्राइवर से कहकर विजय को हॉस्पिटल पहुंचाया,,,,,

वही हॉस्पिटल पहुंचते ही डॉक्टरों ने तुरंत ही विजय का इलाज शुरू कर दिया,,,,

अब निशा घबराते हुए भगवान से विजय की सही सलामत होने की प्रार्थना कर रही थी,,,,,