मोनिका विकी के ऐसा कहने पर हैरान थी उसे अब आदित्य के बातो पर भरोसा होने लगा था । मोनिका फिर कहती है -----
मोनिका: - विकी , ये हार असली तो है ना ?
विकी घबराते हूए कहता है -------
विकी :- अ.....हां .... ये बिल्कुल असली हार है । तुम भी इसके बातो मे आ गई । तु ...तु ... तुम चलो यहां से , नही तो ये तुम्हें अपने बातो मे फसा देगा ।
विकी मोनिका को वहां से लेकर चला जाता है । तो जानवी आदित्य से कहती है -----
जानवी :- तुम्हे कैसे पता चला के वो हार नकली है । दैखने मे तो बिल्कुल असली लग रहा था ।
जानवी की बात को सुनकर आदित्य कहता है -----
आदित्य :- लग रहा था मतलब ।
जानवी :- मतलब ये के वो हार नकली ही है ।
आदित्य :- तुम्हें कैसे पता ?
जानवी: - जिस तरह से वो विकी मोनिका को लेकर भागा ताकी हार की जांच ना करानी पड़े । इससे तो
साफ पता चल गया के वो हार नकली ही है ।
तभी वहां पर रमेश और कृतिका आ जाती है । रमेश
कहता है ------
रमेश :- ओए होए , रहा नही जाता । पता है ना आज से
तुम दोनो एक दुसरे से नही मिल सकते । फिर भी चोरी छिपे यहां क्या बातें हो रही है ।
कृतिका: - तु भी ना । क्या क्या सवाल करने लग जाता है ।
कृतिका जानवी से कहती है ----
कृतिका :- ये एक रसम होती है के हल्दी के बाद लड़का लड़की एक दुसरे से नही मिल सकती , इसलिए अब आदित्य को बाय बोलो और चलो मेरे साथ । बस दो दिन की ही तो बात है , फिर कर लेना बाते , जितनी मर्जी हो ।
जानवी कुछ जवाब नही देती और आदित्य की और दैखने लगती है । कृतिका फिर कहती है ------
कृतिका :- ओहो । अब आदित्य क्या बोलेगा , मेरे सामने उसका हिम्मत है बोलने की ।
आदित्य हाथ जोड़कर कहता है -------
आदित्य :- नही मेरी मां , तुझसे कौन उलझोगा ।
आदित्य के इतना कहने पर जानवी भी हस पड़ती है , जानवी के हसने पर आदित्य उसकी और दैखता रहता है ।
कृतिका जानवी को लेकर वहां से चली जाती है ।
उसी रात विकास चुपके से जानवी के कमरे मे आ जाता है , जानवी विकास को दैखकर हैरान हो जाती है
। जानवी विकास से कहती है----
जानवी :- विकास तुम यहां , तुम्हारी इतनी हिम्मत के तुम यहां तक पहूँच गए ।
विकास अपनी रोनी सुरत बनाकर जानवी से कहता है ----
विकास :- जानवी मुझे माफ करदो जानवी । मैं ...मैं
तुम्हारे बिना जी नही पाउगां ।
जानवी :- अच्छा तो कौन सी चाल चलने आ गए तुम ?
विकास :- मैं तुमसे उस दिन के लिए माफी चाहता हूँ जानवी , प्लिज मुझे माफ कर दो । मैं और क्या करता तुमने मुझे बात तक करना बंद कर दिया था । इसीलिए मुझे उस दिन पार्टी मे आना पड़ा
जानवी कहती है ----
जानवी :- विकास मैने तुमसे प्यार किया और तुम मुझे धोका देते आए ।
विकास :- नही जानवी मैने तुम्हें धोका नही दिया है ।
जनवी :- अच्छा तो 100 करोड़ वाली बात पापा को कैसे पता चला ।
विकास कहता है --
विकास :- क्योकी जब मैं तुमसे बात कर रहा था तब तुम्हारे पापा मेरे पिछे खड़े थे और इस बात पता मुझे बिल्कुल भी नही था । बस उसी बात का फायदा उठाकर तुम्हारे पापा ने एक कहानी बना दिया ताकी तुम उन पर भरोसा करलो और वो हम दोनो को अलग करने मे कामयाब हो जाए ।
विकास की बात को सुनकर जानवी अब विकास पर भरोसा करने लगता है । विकास जानवी को दैखकर समझ जाता है के जानवी उसके जाल मे फंस चुकी है।
जानवी कहती है ---
जानवी :- पर पापा मुझसे झुट क्यो बोलेगें !
विकास :- पता नही जानवी , उन्हें मुझसे क्या प्रॉब्लम है । वे क्यो हम दोनो को अलग करना चाहते है । पर
जानवी मैं तुमसे अगल नही रह पाउगां , चलो ना हम दोनो भाग कर शादी कर लेते है ।
जानवी को विकास की बातो पर भरोसा हो जाता है और जानवी विकास के गले लग जाती है । जानवी के मन मे अब भी विकास के लिए प्यार था और जानवी अब आदित्य को छोड़ने के लिए राजी हो जाती है ।
विकास :- Thank god जानवी तुमने मेरे बातो पर भरोसा किया , वरना मुझे तो लगा था के मैं तुम्हें हमेशा के लिए खो दूगां ।
जानवी :- तुमसे अलग होकर मैं भी कहां रह पाती विकास । मेरे पापा मेरे साथ उस आदित्य से मिलकर इतना बड़ा धोका करेगें मुझे पता ही नही था । उन्होने मुझे इतना बड़ा झुट बोला ।
विकास :- जानवी चलो अभी यहां से ।
जानवी विकास के साथ जाने को तैयार हो जाती है के तभी उसे याद आता है के डॉक्टर ने उसके पापा के बारे क्या कहा था । जानवी मन ही मन सौचता है ---
जानवी :- अगर मैं चली गयी और पापा को फिर से हार्ट अटैक आया तो ।
जानवी ऐसे सोचते दैखकर विकास कहता है ----
विकास :- क्या बात है जानवी ? तुम रुक क्यू गयी ।
जानवी :- नही विकास मैं तुम्हारे साथ नही जा सकती ।
विकास :- पर क्यो जानवी ?
जानवी :- क्योंकि अगर मैं चली गई तो मेरे पापा को फिर अटैक आ सकता है और उनकी जान को खतरा हो सकता है ।
विकास :- ऐसा कुछ नही होगा । हम दोनो शादी करके कल सुबह उनके पास आ जाऐगे तो दैखना धिरे - धिरे उनका गुस्सा भी सांत हो जाएगा ़
जानवी :- वो सब तो ठिक है पर डॉक्टर ने कहा था के ..!
विकास बिच में मो ही बात को काट देता है और कहता है ---
विकास :- ये सब तुम्हारे पापा की चाल भी तो हो सकता है । ताकी तुम्हें emotional blackmail कर सके ।
जानवी विकास के बातो पर भरोसा तो कर लेती है पर वहां से उसके साथ जाने की हिम्मत नही होती ।
विकास :- क्या हूआ जानवी चलो जल्दी ।
जानवी :- नही विकास अब बहोत दैर हो चुकी है । मैं तुम्हारे साथ नही आ सकती ।
विकास :- ये तुम क्या बोल रही हो जानवी , तुम क्यों नही आ सकती ।
जानवी :- परसो मेरी शादी है , भले ही पापा ने मुझसे झुट कहा हो पर मैं उनका सर इतने लोगो के सामने कैसे झुका सकती हूँ ।
विकास :- और हमारा क्या जानवी ?
जानवी :- मैं इसके लिए अपने पापा को कभी माफ तो नही कर सकती पर मैं शादी भले ही आदित्य के साथ करुगीं पर शादी के बाद मैं आदित्य की भी नही हो पाउगीं ।
विकास: - जानवी तुम ये सब क्या बोल रही हो , अभी भी समय है चलो मेरे साथ ।
तभी वहां पर अशोक आ जाता है । अशोक को दैखकर विकास घबरा जाता है , अशोक गुस्से से कहता है ----
अशोक :- हरामखोर तेरी इतनी हिम्मत , तु यहां भी आ गया ।
विकास चाल चलते हूए कहता है ---
विकास :- अंकल आप चाहे कितने भी कोशिश कर लो पर आप मुझे और जानवी को कभी अलग नही कर सकते ।
अशोक :- तु यहां से जाता है या यहां से धक्के मार भगाउ ।
जानवी :- रुकिए पापा । विकास ठिक ही तो बोल रहा है ।
अशोक :- बेटा तु अभी भी इस पर भरोसा कर रही हो ?
जानवी :- भरोसा नही करती पापा , पर आपने जो हमारे साथ किया , विकास ने हमे सब बता दिया है के कैसे आपने हमे अगल करने के लिए ये सब चाल चली ।
अशोक :- क्या चाल चली ?
जानवी :- हां पापा आपने चाल चली , पर चितां मत करो पापा मै विकास के साथ कही नही जाऊगीं और आपके पंसद के लड़के आदित्य से ही शादी करुगी । क्योकी अगर मैं भाग कर विकास से शादी किया तो लोग कहेगें के बाप के जिद के कारण बेटी ने भागकर शादी करली । और आपकी इज्जत चली जाएगी । जो मैं नही चाहती , पर पापा आप एक बात याद रखना मैं कभी उस आदित्य की नही हो सकती ।
जानवी इतना बोलकर वहां ये चली जाती है । विकास मन ही मन बहोत खुश हो रहा था । और वो भी वहां से चला जाता है ।
अशोक जानवी की बात को सुनकर हैरान और परेशान भी हो जाता है के उसके कारण कही आदित्य की लाईफ बर्बाद ना हो जाए । पर. अशोक अब करता भी क्या , कल मेंहदी और परसो शादी जो थी ।
To be continue.....187