शीर्षक: विरासत का बोझ और स्टारगेज़र खिड़की
अगले कुछ हफ़्ते वीर और अनायरा के लिए बेहद व्यस्त रहे। एक तरफ़ सुमित्रा देवी और ओबेरॉय के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्यवाही चल रही थी, जहाँ रिया का वीडियो, प्रिया की गवाही और वीर के असली जन्म प्रमाण पत्र ने न्यायपालिका को चौंका दिया था। दूसरी तरफ़, वीर को अपनी नई, अप्रत्याशित विरासत को संभालना था—उसकी असली माँ की कला और उसके पिता की संपत्ति।
वीर ने कंपनी के सारे अधिकार अपने हाथ में ले लिए। उसने सबसे पहले अपनी माँ द्वारा किए गए सारे धोखाधड़ी वाले व्यापारिक समझौतों को रद्द किया, जिससे कंपनी की साख वापस बहाल हो सके।
अनायरा हर कदम पर वीर के साथ थी। वह अब उसकी सहायक नहीं, बल्कि उसकी जीवनसंगिनी, उसकी रणनीतिकार और उसकी भावनात्मक शक्ति थी।
कला और मुक्ति
एक शाम, वीर ने अनायरा को अपनी असली माँ के पुराने स्टूडियो में बुलाया, जिसे रिया ने गुप्त रूप से संभालकर रखा था। स्टूडियो धूल भरा था, लेकिन दीवारों पर वीर की माँ की अधूरी कलाकृतियाँ थीं।
"यह मेरी माँ की दुनिया थी," वीर ने धीरे से कहा। "उन्होंने मेरी पहचान, मेरा जीवन, मेरी आत्मा... सब कुछ कला में उतारा था।"
अनायरा ने एक कैनवास की ओर इशारा किया, जो अधूरा था। यह एक 'फ़ैमिली पोर्ट्रेट' था, जिसमें एक धुंधली महिला (वीर की असली माँ) एक बच्चे (वीर) को गोद में लिए थी, और बैकग्राउंड में रिया जैसी दिखने वाली एक आकृति थी।
"रिया ने शायद इसी पोर्ट्रेट को पूरा करने के लिए 'फ़ैमिली होम' का सपना देखा था," अनायरा ने कहा। "तुम्हें इस विरासत को पूरा करना होगा, वीर।"
वीर ने संकल्प लिया कि वह अपनी असली माँ की विरासत को उनकी यादों और उनकी कला के माध्यम से ज़िंदा रखेगा। उसने कंपनी के नाम पर एक नया 'आर्ट्स एंड चैरिटी विंग' शुरू किया, जिसे उसने प्रिया के 'आर.के. ट्रस्ट' के साथ जोड़ दिया।
फ़ैमिली होम: अंतिम स्पर्श
'फ़ैमिली होम' प्रोजेक्ट तेज़ी से पूरा होने की ओर बढ़ रहा था। अब यह सिर्फ़ रिया का सपना नहीं था, बल्कि वीर और अनायरा के नए जीवन का प्रतीक था—न्याय, प्रेम और त्याग की नींव पर बना हुआ घर।
अनायरा ने 'संगीत कक्ष' पर आख़िरी काम शुरू किया। उसने उस दीवार पर 'स्टारगेज़र' खिड़की को ऐसे डिज़ाइन किया, जहाँ से रात में सबसे ज़्यादा तारे दिखते थे।
एक शाम, जब वीर साइट पर आया, तो उसने देखा कि अनायरा अकेली उस खिड़की के पास बैठी है।
"क्या हुआ?" वीर ने उसके बगल में बैठते हुए पूछा।
"कुछ नहीं, बस सोच रही थी," अनायरा ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया। "रिया मैम ने इस घर को बनाने के लिए इतना कुछ सहा। अब जब यह बन रहा है, तो लगता है जैसे हमारी सारी दीवारें सचमुच टूट गईं।"
वीर ने अनायरा का हाथ थाम लिया। "रिया की दी हुई सबसे बड़ी चीज़ यह घर नहीं है, अनायरा। यह तुम हो। रिया ने तुम्हें मेरे लिए चुना, और तुमने अपने त्याग से मुझे बचाया।"
वीर ने अपनी जेब से एक छोटा, मखमली डिब्बा निकाला। अनायरा चौंक गई।
"यह घर मेरे लिए रिया का सपना था, लेकिन अब यह हमारा भविष्य है," वीर ने डिब्बा खोला। उसमें एक साधारण, सुंदर अंगूठी थी, जिसके बीच में एक छोटा हीरा जड़ा था।
"मैं तुमसे कोई भव्य वादा नहीं करता, अनायरा। हम दोनों ने बहुत दर्द देखा है। लेकिन मैं तुम्हें अपना पूरा सच, अपनी पूरी ईमानदारी और अपना सारा प्यार देता हूँ। क्या तुम मेरी पार्टनर बनोगी—इस घर में, इस विरासत में, और इस जीवन में?"
अनायरा की आँखों में ख़ुशी के आँसू आ गए। "हाँ, वीर! हमेशा के लिए।"
उन्होंने एक-दूसरे को गले लगा लिया। खिड़की से रात के तारे झाँक रहे थे, जैसे रिया और वीर की माँ उन पर आशीर्वाद बरसा रही हों।
अगले भाग में उनकी शादी 'फ़ैमिली होम' में होनी तय थी। सब कुछ शांतिपूर्ण लग रहा था, लेकिन सुमित्रा देवी, जेल जाने से पहले, वीर के जीवन में आख़िरी बार तबाही मचाने का प्रयास कर सकती थीं।
वीर के वकील ने उन्हें बताया कि सुमित्रा देवी ने, गिरफ़्तारी से ठीक पहले, एक आखिरी कागज़ात पर हस्ताक्षर किए थे। यह कागज़ात उनकी निजी संपत्ति से जुड़ा था, जिसे उन्होंने वीर को विरासत में देने से इनकार कर दिया था।
"सर, श्रीमती सुमित्रा देवी ने अपने हिस्से की सारी निजी संपत्ति एक अज्ञात ट्रस्ट को दान कर दी है। उन्होंने साफ़ लिखा है कि वह संपत्ति वीर के पास कभी नहीं जाएगी।"
"कौन सा ट्रस्ट?" वीर ने पूछा।
"नाम स्पष्ट नहीं है, सर। बस 'द ब्लैक लिली ट्रस्ट' लिखा है। और उस ट्रस्ट का एकमात्र लाभार्थी... ओबेरॉय की बेटी है।"
वीर स्तब्ध रह गया। सुमित्रा देवी ने अपनी सारी संपत्ति अपने दुश्मन के वारिस को दे दी थी? क्या यह सिर्फ़ वीर को सज़ा देने के लिए था, या ओबेरॉय की बेटी, जिसने अब तक कहानी में प्रवेश नहीं किया था, अब वीर और अनायरा के नए, शांत जीवन में एक नया तूफान लेकर आएगी? क्या उनकी शादी सुरक्षित होगी?