Three best forever - 55 in Hindi Comedy stories by Kaju books and stories PDF | थ्री बेस्ट फॉरेवर - 55

The Author
Featured Books
  • Sirf Tumhara - 5

    **Sirf Tumhara**  **Part 5**अंश का दिल ज़ोर-ज़ोर से धड़क रहा...

  • Conversations With Myself - 2

    शाम धीरे-धीरे ढल रही थी।पूरा दिन जैसे आँसुओं में भीगकर निकल...

  • Mafia King - 6

    जगह कोई आम ठिकाना नहीं, बल्कि 'रॉयल फिटनेस होटल' था।...

  • लाल निशान - 1

    लाल निशानभाग – 1 : मौत की शुरुआतअध्याय 1रात, जिसने शहर की नी...

  • जब रिश्ता प्यार बन जाए. - 12

    Episode 12 – जब एहसास नाम माँगने लगे कुछ एहसास ऐसे होते हैंज...

Categories
Share

थ्री बेस्ट फॉरेवर - 55

( __/)
( • . •)
( >💜💜💜 next ep पढ़ने जल्दी से प्रकट होई जाओ बालिको 🤪🤪👍💜💜💜

मनीष ने अपने बेस्ट फ्रेंड बचपन के दोस्त राहुल के फोन से मस्ती से कॉन्टेक्ट किया और किस्मत से कॉन्टेक्ट सही लगा। अब आगे,,,

चार साल बाद
मस्ती जो नादान डरपोक सी लड़की थी पर अब बिल्कुल निडर और बेखौफ होकर फोन चलाती थी।

किसी अनजान no से वॉट्सएप पर मैसेज देख मस्ती तुरंत पता लगाने में जुट जाती की कौन है? 

ऐसे ही एक दिन अननोन नंबर से whatsaap पर मैसेज आया । 

मस्ती पूछी "कौन ?" 

रिप्लाई आया "हेलो मस्तानी कैसी हो?" 

एक अनजान से अपना नाम जान मस्ती हैरान रह गई और सवाल की "ठिक,,पर तुम कौन? और मेरा no कैसे मिला?" 

मनीष ने रिप्लाई किया "मै मनीष तुम्हारा दोस्त और ये no तुमने ही दिया था" 

मस्ती को लगने लगा की ये उसकी कजिन sis का दोस्त मनीष है। तो वो कन्फर्म करने के लिए आगे पुछने लगी।।

मस्ती नाक मुंह सिकोड़ रिप्लाई कर पूछी "What nonsense मैंने कब दिया ?" 

तभी मनीष को अचानक से कोई बुला लेता है जिससे वो जानें से पहले मस्ती को रिप्लाई करता है "काम आ गया बाद में बात करते हैं"

"अरे,,," मस्ती और कुछ पूछती की यही पर मैसेज फूल स्टॉप यहां तक मैसेज करने वाला तो मनीष ही था। पर मस्ती को गलत फेमी थी की ये sis का दोस्त मनीष है जिससे उसने उस no को अपनी sis से कन्फर्म कराया तो पता चला की ये उसका दोस्त मनीष नही है।

जिससे कन्फर्म हो गया की ये वो मनीष नही अब वो सोचने लगी की ये कौन सा मनीष है जो उसका दोस्त हैं और उसे ही पता नहीं। 
वो याद करने की कोशिश कर ही रही थी की 

थोड़ी देर बाद उसी no पर फिर मैसेज आया "हेलो मस्तानी" और ये मैसेज करने वाला शख्स कालमुहा राहुल ही है। जो मनीष की जगह लेकर मस्ती को मैसेज कर रहा।

मस्ती जिसे कुछ धुंधली यादे याद आने लगी थी की इस मैसेज की रिंग टोन से डिस्टर्ब हो गई जिससे 
वो खिंज उठी "Hi हेलो छोड़ो और ये बताओ कौन मनीष हो? किस्से बात करनी तुम्हें?" 

राहुल पूछा "मस्तानी ही हो ना तुम?" 

"हा मेरा फोन है तो मैं ही होऊंगी ना,,मेरे दुश्मन थोड़ी न होंगे खैर कौन मनीष हो पूरा नाम बताओ?" मस्ती सट्ट से जवाब दी।

तो राहुल बोला "नही बता सकता " 

तो मस्ती झुंझला गई बोली "व्हाट? नही बता सकते क्या मतलब है? बताओगे नहीं तो पहचानूंगी कैसे?"

तो राहुल बोला "नाम बताया तो अब पहचान लो" 

मस्ती गुस्से में भड़कते हुए "मै कोई तांत्रिक हु क्या जो खाली नाम से पहचान लू,, फालतू बात मत करो और सीधे सीधे पूरा नाम बताओं?"

रिप्लाई न मिलने पर मस्ती को लगा कुछ ज्यादा ही गुस्सा कर रही शांति पूछना चाहिए इसलिए वो सवाल बदल कर शांति से पूछी "मेरे बारे में क्या जानते हो,,,?" 

तो फट से रिप्लाई आया "सब कुछ,, मुझसे ज्यादा कोई नहीं जानता तुम्हे" 

उसके इस फास्ट रिप्लाई और बात से 
मस्ती हैरानी से "अच्छा क्या जानते हो?" 

तो राहुल फिर वही जवाब अलग शब्दो से दिया "बहुत कुछ जितना तुम भी नहीं जानती " 

उसके इस बड़ी बड़ी बातें और मस्ती के सवाल को रफा दफा करने की कोशिश मस्ती अच्छे से समझ गई थी। और उसे दाल में कुछ काला नज़र आने लगा था।

जिसे साफ करने के लिए वो अपना आखिरी तीर छोड़ते हुए बोली "हम मिले हैं क्या ?" 

एक मिनट बाद रिप्लाई आया "नही पर मैं तुम्हे बहुत अच्छे से जानता हु" 

"Hmm पर मै नही जानती तुम्हें good by"ये बोल मस्ती उसे ब्लॉक करने जा रही थी की 

फिर मैसेज आया "अरे यार सुनो तो,," 

मस्ती उखड़े मन से रिप्लाई की "क्या है?" 

राहुल सच उगलते हुए "सॉरी यार मै मनीष नही राहुल हु" 

मस्ती हैरानी से "व्हाट ? अब ये क्या नया नाटक लगा रखा है" 

तो राहुल बोला "पहले झूठ बोलने के लिए सॉरी यार लेकिन इस बार सच बोल रहा हु मैं मनीष का दोस्त हु,," 

मस्ती हैरान थी क्युकी एक और इंतफ़ाक हो चुका था जिससे मस्ती अनजान थी दरअसल मनीष और राहुल नाम के दो लड़के उसकी कजिन sis के दोस्त है जिससे वो बर्थडे पर मिल चुकी है।अब उसे लग रहा था वही राहुल है इसलिए वो फिर कन्फर्म करने में जुट गई।

मस्ती शुरू में ही अपना पहला दाव चलते हुए उसका no भी अपनी sis को भेज कन्फर्म की तो पता चला ये भी उसका दोस्त नही है। 

जिससे मस्ती खीजते हुए पूछी "तुम वही राहुल हो ना मेरे sis के दोस्त जो उसके बर्थडे पर आए थे हम मिल चुके है ना?" 
"अरे यार किस राहुल की बात कर रही मैं मनीष का दोस्त राहुल हु" राहुल भी थोड़ा खिंज चुका था जो उसके रिप्लाई से साफ पता चल रहा था। मस्ती को यकीन नहीं हो रहा था उसे अभी भी मजाक लग रहा था जिससे उसने राहुल को वीडियो कॉल कर दिया। 

और फिर उसकी शक्ल देख कन्फर्म हो गया तो कॉल काट दिया।

इसके बाद आधे घंटे बीतते ही किसी और no पर फिर मैसेज आया मस्ती ने चेक किया।

मेसेज "hi मस्तानी" 

मस्ती रिप्लाई की "अब तुम कौन?" 

मनीष बोला "मै मनीष हु यार" 

मस्ती झल्लाते हुए "अरे यार क्या मजाक कर रहे मेरा कोई मनीष नाम का दोस्त है और मुझे ही नहीं पता,,ये कैसे पॉसिबल है बताओ?" 

"अरे यार ये कोई मजाक नहीं,,सच्ची हम चार साल पहले लूडो गेम पर मिले थे याद करो कुछ तो याद होगा" मनीष ने कहा। तो 

मस्ती याद करते हुए "लुडो गेम,,hm याद तो है,,hm खेलती थी शुरू शुरू में और दोस्त भी बने थे कुछ" 

मनीष बोला "Hm,, उन्ही कुछ में से मैं भी हु" 

मस्ती सबूत मांगते हुए "सच मे अगर ऐसा है तो,,तो कुछ तो जानते होंगे ना मेरे बारे में मतलब कुछ ऐसा बताओ जो उस समय हमने बात की थी जिससे मुझे आसानी हो पहचानने में" 

मनीष उसे याद दिलाते हुए "तुम्हारे भाई का फ़ोन चलाती हो अभी भी या तुम्हारा ही है" 

मस्ती को सब याद आ गया वो हैरानी से "ओह माई गॉड,,,तो तुम वो वाले मनीष हो" 

मनीष बोला "पहचान ली ना " 

मस्ती बोली "हा हा पहचान ली,, अब ये बताओ ये दो नंबर से क्यूं मैसेज कर रहे?" 

मनीष सफाई पेश किया "दरअसल मैने मेरे दोस्त के फोन से कॉन्टेक्ट किया तुम्हे,,वो मेरा फोन खराब हो गया था तो उसे ठीक करवाने को दिया था जैसे ही ठीक हुआ तुम्हे मैसेज किया" 

मस्ती उसकी बात का रिप्लाई की "तुमने ये ठीक नही किया मनीष,, तुम्हारा दोस्त तुम्हारी जगह लेकर मुझसे बात किया तुम दोनो के नाम मेरी sis के दोस्त से मेल खाता है जिसके कारण मैं तुम दोनो को वही समझ बैठी और कन्फर्म करने के लिए ये दोनो no अपनी sis को भेज चेक करवाई तब जाके पता चला मेरी गलतफेमी थी" 

मनीष मायूसी से बोला " Hmm,, उसकी तरफ से और मेरी तरफ़ से sorry यार तुम मेरा no सेव कर लो" 

फिर कुछ दिन ऐसे ही मैसेज पर मैसेज आते रहे जिससे मस्ती ऊब और झुंझला गई थी।

और उसे खूब डाट लगाई की दूसरे के फोन से क्यू कॉन्टेक्ट किया। जिस पर मनीष ने उसे बताया कि उसका फोन कबाड़ा हो चुका है कभी भी खराब हो जाता हैं। 

लेकिन अब ठीक करवा लिया हु और राहुल कि तरफ़ से सॉरी भी बोला और उसके बारे में भी उसे बताया कि उसका बेस्ट फ्रेंड है ब्ला ब्ला,,,मस्ती को कोई मतलब नही था उस राहुल से क्युकी पहली दफा ही उसे उससे नेगेटिव एनर्जी महसूस हुई।

मनीष को उसकी इतनी तरफदारी करते देख वो समझ गई की बहुत विश्वास जीत लिया है उस राहुल ने मनीष का अपने फायदे के लिए ऐसे में उसका बोलना सही नहीं सही वक्त का इंतजार करना होगा और इसका भांडा फोड़ना होगा।

राहुल के बाद ही मनीष ने इंस्टा पर मस्ती और रियू की मुलाकात करवाई और पहली ही बार में दोनो ऐसे बात करने लगे जैसे जन्मों जन्मों से एक दूसरे को जानते हो
ऐसे ही इनकी दोस्ती गहरी हुई और एक दूसरे के सुख दुख समझने लगे और साथ देने लगे।


( __/)
( • . •)
( >💜💜💜इनकी नोक झोंक वाली दोस्ती में आगे क्या होता है देखते हैं
next ep में मिलते हैं जल्द ही 💜💜💜