Love Side Effect in Hindi Love Stories by Abhay Marbate books and stories PDF | Love Side Effect

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Love Side Effect

❤️ Love Side Effect ❤️

अक्सर लोग कहते हैं – प्यार में सिर्फ़ ख़ुशियाँ होती हैं, लेकिन सच ये है कि प्यार के भी साइड इफेक्ट्स होते हैं। ये कहानी है आरव और काव्या की, जो कॉलेज के दिनों में पहली बार मिले और जिनकी मोहब्बत धीरे-धीरे एक इम्तिहान में बदल गई।


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पहला इफ़ेक्ट – नींद उड़ जाना

आरव एक बेहद शरारती और स्मार्ट लड़का था, जबकि काव्या सीधी-साधी, पढ़ाई में टॉपर। दोनों की मुलाकात कॉलेज की लाइब्रेरी में हुई। आरव ने पहली बार जब काव्या को देखा तो उसका दिल अजीब तरह से धड़क उठा।

वो किताब पढ़ने की एक्टिंग करता, लेकिन असल में उसकी नज़रें काव्या पर ही रहतीं।
धीरे-धीरे दोनों में बातें शुरू हुईं – क्लास प्रोजेक्ट्स, असाइनमेंट्स और फिर पर्सनल टॉपिक तक।

अब आरव रात भर काव्या से चैट करता और सुबह क्लास में नींद से भरी आँखें लेकर पहुँचता। नींद उड़ जाना, प्यार का पहला साइड इफ़ेक्ट था।


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दूसरा इफ़ेक्ट – पढ़ाई से ध्यान हटना

पहले जो आरव हमेशा क्लास में जोश से जवाब देता था, अब उसका पूरा ध्यान बस काव्या की मुस्कान पर रहता।
काव्या भी पहले पढ़ाई को लेकर सीरियस थी, लेकिन अब जब भी आरव क्लास बंक करने का प्लान बनाता, तो वो भी मना नहीं कर पाती।

दोनों पार्क में बैठकर घंटों बातें करते, कैफ़े में कॉफ़ी पीते और मोबाइल में गाने सुनते।
पर धीरे-धीरे दोनों की मार्कशीट इसका असर दिखाने लगी। प्यार का दूसरा साइड इफ़ेक्ट था – पढ़ाई से ध्यान हट जाना।


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तीसरा इफ़ेक्ट – जलन और शक

हर रिश्ते में कभी-न-कभी शक की दीवार खड़ी हो जाती है।
एक दिन काव्या ने देखा कि आरव अपनी क्लास की एक और लड़की के साथ हँस-हँस कर बातें कर रहा है। बस फिर क्या था, काव्या के चेहरे पर मायूसी और आँखों में ग़ुस्सा आ गया।

काव्या बोली –
“तुम्हारे पास मेरे लिए टाइम नहीं और उसके साथ हँसी-मज़ाक करने का पूरा टाइम है?”

आरव समझाने लगा – “काव्या, वो तो बस क्लास असाइनमेंट के लिए मदद मांग रही थी।”
लेकिन शक का बीज बोया जा चुका था।

ये था प्यार का तीसरा साइड इफ़ेक्ट – जलन और शक।


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चौथा इफ़ेक्ट – झगड़े और दूरी

अब दोनों के बीच छोटी-छोटी बातों पर बहस होने लगी।
कभी फोन न उठाने पर, कभी इंस्टा डीपी बदलने पर, कभी दोस्तों के साथ बाहर जाने पर।

आरव को लगता काव्या बहुत ज़्यादा पज़ेसिव है, और काव्या को लगता आरव बदल गया है।
धीरे-धीरे दोनों के बीच की मीठी बातें कड़वी बहसों में बदलने लगीं।


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पाँचवाँ इफ़ेक्ट – अकेलापन

प्यार का सबसे बड़ा साइड इफ़ेक्ट यही होता है कि जब रिश्ता टूटने लगे तो इंसान अकेला हो जाता है।

काव्या अब पहले जैसी हँसती नहीं थी। आरव भी दोस्तों के बीच रहते हुए भी अकेला महसूस करता।
दोनों के बीच की दूरी इतनी बढ़ गई कि एक दिन काव्या ने कहा –
“आरव, शायद हम दोनों एक-दूसरे के लिए नहीं बने।”

उस एक लाइन ने आरव की दुनिया हिला दी।


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ब्रेकअप का दर्द

ब्रेकअप के बाद आरव रातों को सो नहीं पाता।
उसकी किताबें अब भी खुली रहतीं लेकिन पन्नों पर सिर्फ़ काव्या की तस्वीरें दिखतीं।
काव्या भी दिखने में मज़बूत थी, लेकिन अंदर-ही-अंदर टूट चुकी थी।

प्यार का सबसे कड़वा साइड इफ़ेक्ट – टूटे दिल का दर्द।


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नई शुरुआत की सीख

समय बीता, दोनों अपनी-अपनी ज़िंदगी में आगे बढ़े।
आरव ने समझा कि प्यार सिर्फ़ किसी को पाने का नाम नहीं, बल्कि उसे समझने और भरोसा करने का नाम है।
काव्या ने भी सीखा कि मोहब्बत में खुद को खो देना सही नहीं, बल्कि अपने सपनों और करियर को भी साथ लेकर चलना चाहिए।

दोनों ने भले ही रास्ते अलग चुन लिए हों, लेकिन एक-दूसरे से सीखा बहुत कुछ।
प्यार ने उन्हें सिखाया कि हर खुशी के साथ कुछ साइड इफ़ेक्ट्स भी आते हैं –
कभी मुस्कान, कभी आँसू, कभी अपनापन, कभी तन्हाई।


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अंत

आज भी जब आरव और काव्या की यादें लौटती हैं, तो दोनों के चेहरे पर हल्की सी मुस्कान आ जाती है।
क्योंकि चाहे रिश्ता कितना भी मुश्किल क्यों न हो, पहली मोहब्बत के साइड इफ़ेक्ट्स कभी नहीं मिटते।


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