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Rohit Kumar

Rohit Kumar

@rohitkumar847794


"मन की शक्ति और संकल्प"

मन एक छपाई मशीन है, जो रोज़ दिखाता जाता है,
जो बार-बार तुम सोचते हो, सच वही बनाता जाता है!
डर, शक और नकारात्मकता के बीज न मन में बोओ तुम,
जीवन बदलना है अगर तो, भीतर की तस्वीरें संजोओ तुम।
मन सरल है, नहीं जानता क्या अच्छा क्या खोटा है,
दौर दोहराव का दिखता है, जो बोया, वही तो काटा है!

बच्चा जब साइकिल सीखे, गिरता है, डर जाता है,
पर 'चला सकता हूँ मैं खुद को' जब मन में भाव जगाता है।
तस्वीर बदलती भीतर जब, बाहर खेल बदल जाता है,
विचारों की इस शक्ति से ही, भविष्य नया बन जाता है!
डर को रोको, कमी न भूलो, तुम लक्ष्य नया निर्धारण करो,
शांत और सक्षम हो खुद को, हर पल महसूस करो।

दो तरह के लोग यहाँ हैं, एक बहने वाले होते हैं,
दूसरे खुद अपने मन को, सही राह पर लाते हैं।
खाली कमरा धूल धरे, मन खाली रहे तो चिंता छाए,
उत्तम विचारों के रंगों से, मन का कोना-कोना महकाओ तुम!
कल्पना और सच्चाई में, मन भेद नहीं कर पाता है,
सफल पुरुष पहले मन में, फिर जग में जीत दिखाता है।

हर इंसान में छिपी हुई है, एक असीम महान शक्ति,
योग्य समझ लो खुद को तो, बढ़ जाती है इच्छा शक्ति!
दूसरों की बातों पर मत अपनी तकदीर चलाओ,
भीतर जो छवि खुद गढ़ोगे, ऊँचाइयों पर अपने आप को पाओ तुम।
मन को प्रशिक्षण दे डालो, जैसे देह व्यायाम माँगे,
सही विचार न दो मन को तो, कमज़ोर विचार ही आगे आवें!

जागो और ऊर्जा बदलो, हर पल में ऊर्जा भरो,
अतीत का डर, भविष्य का भय, छोड़ो सब, अब अपना भाग्य गढ़ो!
मन जो चाहेगा, वो होगा, जब संकल्प जगेगा सीने में,
हार न मानो, डटे रहो तुम, इस जीवन को जीने में।
मन सेवक है, नहीं है मालिक, आदेश इसे तुम थमाओ,
जो चाहो तुम मन में छापो, और अपनी नियति बनाओ!

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"The Vessel of Resolve"
A fragile heart of leaky bounds,
With daily vows and empty sounds.
Lost in dreams the whole night through,
By morning light, the visions flew.
Rules are made and broken fast,
Doubts arise and shadows cast.
Promises feel like empty air,
When heavy storms of life are there.
Do not chase the mountains high,
Where heavy failures multiply.
Hold a tiny pledge instead,
Where steady steps are safely tread.
Weary from the falls and pain,
He holds a little vow again.
Silencing the doubts inside,
The broken soul stands up with pride.
- Rohit Kumar

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"दृढ़ संकल्प का सार"
मन की दुर्बलता छिद्रों भरी,
रोज उठते नए फैसले बार-बार।
रात भर कल्पनाओं में डूबे रहे,
सुबह खाली हुई फिर से धार-धार।
रोज बनते बिगड़ते हैं सारे नियम,
विश्वास खुद पर ही ढीला पड़े।
लगने लगता है व्यर्थ हर एक वचन,
जब इरादों के आगे तूफान खड़े।
मत करो कभी तुम बड़े संकल्प को,
जो टूटकर हीनता रोज़ लाए।
छोटे-छोटे नियमों को साधो जरा,
सफलता की सीढ़ी वही चढ़ाए।
जो हर बार की ठोकर से थक गया,
एक छोटे से प्रण पर अडिग रह गया।
मिटा के मन की सारी बेचैनियों को,
हारा हुआ इंसान फिर से उठ खड़ा हुआ।
- Rohit Kumar

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"मन की शक्ति और जीवन की दिशा"

कभी सोचा है तुमने, मन में क्या चलता है?
क्यों कोई सपना, सपना ही रह जाता है?
मन एक छपाई मशीन सा सदा काम करता है,
जो बार-बार सोचो, वही सच बन जाता है।

डर, शक और नकारात्मकता को जो अपनाते,
वे अनजाने में ही अपनी हार बुलवाते।
मन तो बस दोहराव और आदेश को जाने,
जो लगातार सोचो, सच उसे ही माने।

साइकिल चलाना सीखता जब कोई नादान,
गिरने के डर से होती उसकी हर धड़कन परेशान।
पर जैसे ही भीतर जगे "मैं चला सकता हूँ" विश्वास,
डर सारा मिट जाता, और पूरा हो जाता हर प्रयास।

विचारों में शक्ति है, इसे तुम पहचानो,
जो सोचोगे मन में, व्यवहार वही मानो।
डर को मत रोको तुम, न कमी को आने दो,
शांत और सक्षम हो, खुद को यह बताने दो।

मन नहीं समझता भाषा कभी 'ना' की,
यह तो बस सुने गूँज उस चाह और दुआ की।
जो सोचो भावना से, वह गहरा उतर जाता,
सफल इंसान पहले मन में ही जीत जाता।

खाली मन कमरे सा, धूल और भ्रम है पाता,
इसलिए इसे रोज तुम अच्छे विचारों से सजाना।
लक्ष्य की स्पष्ट छवि तुम मन में उतारो,
धीमे-धीमे ही सही, अपनी तकदीर बदलो।

पानी की धार जैसे पत्थर को है काटती,
निरंतर की सोच भी हर बाधा को है छाँटती।
मन तुम्हारा दुश्मन नहीं, सबसे बड़ा मित्र है,
इसको जो समझ ले, उसकी पक्की जीत है।

बाहर की दुनिया तो बस भीतर का है दर्पण,
जैसा बोओगे बीज, वैसा ही खिलेगा जीवन।
छोड़ो सब बहाने और डर की हर कहानी,
मन को दो सही दिशा, और बदलो अपनी जिंदगानी।

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"The Power of Within"

What echoes softly in the silent mind?
What thought do we repeat, and fail to bind?
The mind prints deep whatever it is shown,
And in that soil, our waking life is grown.

If fear and doubt become your daily creed,
The mind accepts and magnifies the seed.
It knows no difference between wrong or right,
It only loops what fills your inner sight.

Like children learning how to balance grace,
Who fall in fear, then find their rightful place,
Once courage whispers, "Yes, I know I can,"
The fading shadows yield a stronger man.

Stop telling what you don't desire to be,
And let the soul's true quiet vision see.
Paint deep the canvas where your dreams belong,
Turn every whisper to a victor's song.

For rivers carve the stone by falling slow,
And patient thoughts direct the way we go.
The mind's your greatest friend, or deepest foe.
Tend well the seeds, and watch your future grow.

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