Tere Mere Darmiyaan - 102 in Hindi Love Stories by CHIRANJIT TEWARY books and stories PDF | तेरे मेरे दरमियान - 102

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तेरे मेरे दरमियान - 102

वो उठती है अपने आँसू पोंछती है उसकी आँखों में अब पछतावा ही नहीं…दृढ़ता भी है --

जानवी: - नहीं… इस बार मैं चुप नहीं रहूँगी। इस बार मैं तुम्हें ढूँढूँगी आदित्य। तुम जहाँ भी हो… तुम्हें बता कर रहूँगी… कि मैं गलत थी।
कि तुम सही थे। कि… मैं तुमसे प्यार करती हूँ। आदित्य बहुत प्यार । तुम ... तुम चितां मत करो , उस मोनिका के वजह से तुम परेशान हो ना .. मैं उस मोनिका को भी दैख लूंगी और सच का पता लगा कर ही रहूँगी ।

जानवी: - तुम्हें खोने के बाद समझ आया…कि तुम मेरे लिए क्या थे।
मैं तुम्हें ढूँढती रही आदित्य…हर जगह…पर असल में मैं खुद को ढूँढ रही थी…।

जानवी फिर से कहती है ---

जानवी (धीरे से): - उस रात… तुम I love you कहने वाले थे ना?
आज… मैं कहती हूँ… आदित्य मैं तुमसे प्यार करती हूँ। और अगर तुम मुझे माफ न भी करो…तो भी मैं जिंदगी भर इस सच के साथ जिऊँगी…कि मैंने एक सच्चे इंसान को देर से पहचाना।

इधर शमिका विकी के पास गई थी उस समय विकी बाथरूम में था।
उसका फोन टेबल पर पड़ा था। शमिका वहा सोफा पर बैठ जाती है तभी अचानक एक मैसेज पॉप-अप होता है —

शमिका दैखती है के विकी का फोन वही टेबल पर रखा था , शमिका मेसेज को इग्नोर करती है तभी एक और मेसेज आया , तब शमिका विकी के फोन को उठाती है और दैखती है के उसमे लिखा था --

“ DNA रिपोर्ट कब तक बदलवाओगे? वकील इंतज़ार कर रहा है।” – Monica

ये दैखकर शमिका का दिल रुक सा जाता है। वह फोन उठाती है और लॉक को खोलने की कोशिश करती है तो फिंगरप्रिंट लॉक था…
लेकिन नोटिफिकेशन में इतना दिख चुका था कि बात गंभीर है।

शमिका अपने से कहती है--

शमिका :- ये मोनिका कौन है और किस रिपोर्ट की बदलने की बात कर रही है ?

शमिका इतना सौच ही रही थी के विकी बाहर आता है और देखता है के शमिका उसके फोन को हाथ में लिए खड़ी है।
विकी शमिका के हाथ मो अपना फोन दैखकर घबरा जाता है और कहता है --

विकी :- अरे ... श....शमिका ... तुम कब आई ?

शमिका (धीरे, पर ठंडी आवाज़ में): - कौन सी रिपोर्ट बदलनी है विकी?

शमिका से इतना सुनकर विकी के चेहरे का रंग उड़ जाता है।

विकी: - रिपोर्ट ...? कौन सी रिपोर्ट ?

विकी अनजान बनते हूए कहता है , तभी शमिका विकी को उसके फोन पर मेसेज दिखाती है और कहती है --

शमिका :- ये ...!

शमिका विकी सो मेसेज दिखाती है जिसे दैखकर विकी परेशान हो जाता है और कहता है --

विकी :- तुम गलत समझ रही हो… वो बस बिजनेस—

शमिका (बीच में रोकते हुए): - बिजनेस में अब DNA रिपोर्ट बदलने लगे हो?

शमिका के इतना कहने पर कमरे में सन्नाटा छा गया , विकी पहली बार शब्द ढूँढ नहीं पाता। तभी शमिका विकी से पूछती है --

शमिका (कठोर आवाज में) :- विकी… सच क्या है? ये मोनिका कौन है और मोनिका जो कह रही थी… क्या वो सच है? किस DNA रिपोर्ट की बात हो रही है ?

विकी कुछ पल चुप रहता है, फिर खुद को संभालकर बोलता है ।

विकी (नकली शांत आवाज में) :- शमिका… तुम मुझे इतने सालों से जानती हो। क्या तुम्हें लगता है मैं ऐसा कर सकता हूँ? 

शमिका थोड़ा हिचकती है।

शमिका :- पर वो डीएनए रिपोर्ट बदलने वाली बात…

विकी जल्दी से बोल पड़ता है।

विकी :- वो सब झूठ है! मोनिका मुझे फँसाना चाहती है। वो मुझसे पैसे मांग रही थी… जब मैंने मना कर दिया तो अब वो ये ड्रामा कर रही है।

शमिका अभी भी पूरी तरह भरोसा नहीं करती , और फिर से पूछती है --

शमिका :- तो तुम मोनिका को जानती हो ? 

विकी अब अपने ही बातो पर फंस गया था । शमिका फिर से कहती है --

शमिका :- विकी सच्चाई क्या है , मुझे सच - सच बताओ ।

विकी थोड़ा घबरा जाता है, लेकिन फिर एक और झूठ बोल देता है।

विकी :- मैं ये तुनसे कहना नही चाहता था शमिका पर अब मैं तुमसे और झुट नही बोल सकता । क्योंकि… एक समय पर वो मुझसे प्यार करती थी। जब उसे पता चला कि मैं तुमसे शादी करने वाला हूँ… तब से वो मुझसे बदला लेना चाहती है।

शमिका चुप हो जाती है, लेकिन उसके मन में अभी भी शक है।

शमिका :- प्यार ..? और तुम, तुम क्या उससे प्यार नही करते थे ?

विकी :- नही शमिका .. वो मेरे पैसो से प्यार करती थी , उसने मुझे फसाना चाहा , मेरा नाम बदनाम करना चाहा , फिर मैने उसे 10 लाख रुपये दिए ।

शमिका हैरानी से कहती है --

शमिका :- 10 लाख ! विकी तुमने उसे 10 लाख दिए और मुझे बताया तक नही ।

विकी :- शमिका ... वो मैं डर गया था , के ये बात कही तुम तक पहुँच जाए तो तुम कही मुझसे दुर ना चली जाओ । क्योंकी वो मोनिका भी यही चाहती है ।

शमिका :- और वो ये किस रिपोर्ट को बदलने की बात कर रही थी ?

विकी :- वो फिर से मुझे ब्लेकमैल कर रही है, किसी और का बच्चा पेट मे लेकर मनझसे कह रही है के मुझे और 10 लाख दो वरना मैं रिपोर्ट बदल कर तुम्हें फंसा दुगीं और सबको बता दुगां के ये बच्चा तु्हारा है ।

शमिका इतना सुनकर मोनिका पर भज़क जाती है और कहती है --

शमिका :- कितना बेशर्म लड़की है , किसी और के बच्चे को तुम्हारा नाम कैसे दे सकती है ? मैं उसे जरुर सबक सिखाऊगी ।

 विकी :- तुम्हें कुछ भी करने की जरुरत नही है । इसलिए मैं तुम्हों बता नही रहा था । मुझे पता था के तुम्हें जब पता चलेगा तो तुम ऐसे ही रियेक्ट करोगी ।

शमिका चुप हो जाती है तो विकी राहत की सांस लेती है । पर शमिका अंदर से मोनिका से गुस्सा थी । 

उधर जानवी एक कॉफी सॉप पर बैठकर मोनिका के बारे मे सोच रही थी , जानवी अपने आप से कहती है --

जानवी :- ये मोनिका जरुर कुछ ना कुछ चाल रही है । पहले तो मुझे भी आदित्य पर भरोसा नही था पर अब जब आदित्य खुद बोल रही है के मोनिका का बच्चा उसका नही है तो फिर आदित्य सच ही बोल रहा होगा । मुझे सच का पता लगाना होगा । मैने मोनिका को किसके साथ दैखा था ...?

जानवी अपने दिमाग पर जौर देता है पर उसे एक धुंधला से चेहरा दिखाई देता है , जानवी को विकी का चेहरा साफ - साफ याद नही आ रहा था । तभी वहां पर शमिका और विकी आता है , जानवी की नजर विकी पर जाता है । विकी के दैखकर जानवी धिरे से कहती है --

जानवी :- ये .... इसे मैने कही दैखा है , कुछ जाना - पहचाना सा लग रहा है । 

जानवी पिछले कुछ समय की याददाश्त भुल दाने के कारण उसे सही से याद नही आ रहा था । तभी जानवी को याद आता है और कहती है --

जानवी: - विकी ... ये तो विकी है , मोनिका का बॉयफ्रेंड ।

इतना बोलतर जानवी विकी को बुलाती है --

जानवी :- विकी ....

जानवी का आवाज सुनकर विकी जानवी की और दैखता है और जानवी को दैखते ही घबरा जाता है क्योंकी विकी जानता है के जानवी को उसके और मोनिका के बारे मे पता है इसिलिए विकी जानवी को इग्नोर करते हुए आगे जाने लगता है तो ये दैखकर जानवी धिरे से बुदबुदाती है --

जानवी :- ये विकी ही है ना ? तो फिर ये मुझे ऐसे इग्नोर क्यों कर रहा है ?

शमिका विकी से कहती है ---

शमिका :- विकी ... ये जानवी है ना ? पर ये तुम्हें कैसे जानती है ?

शमिका के पुछने पर विकी घबरा गया था । विकी घबराहट मे कहता है --

विकी: - हां , एक बार मिला था मैं , पता नही कब ।


जानवी फिर कहती है --

जानवी: - विकी ...

विकी फिर इग्नोर करता है तो शमिका रुक जाती है और , शमिका को रुकते दैखकर विकी कहता है --

विकी :- शमिका .. चलो यहां से ।
शमिका :- पर क्यों ? वो बुला रही है, कुछ तो काम होगा ना ।

तभी जानवी वहां पर आ जाती है , जानवी कुछ कहती उससे पहले विकी जानवी को दैखकर विकी जानवी से कहता है --

विकी :- अ... जानवी अभी हम एक काम पर आए है , तो मैं तुमसे बाद मे मिलता हूँ ।

जानवी कुछ कहती तभी शमिका कहती है --

शमिका :- तुम .. जानवी हो ना ?

जानवी :- हां .. पर तुम ...क्या हम पहले मिले है ?

शमिका: - वो सब थोड़ो , आदित्य के मुह से बहुत सुना हूँ तुम्हारे बारे मे ।

जानवी आदित्य का नाम सुमकर झट से कहती है --

जानवी :- तुम ... तुम आदित्य को जानती हो ?

शमिका :- हां .. वो मेरा दोस्त है , पर जब भी मेरे से बात करता है , वो बस तुम्हारा ही बाते करता है ।

शमिका से इतना सुनकर जानवी इमोशनल हो जाती है और मन ही मन कहती है --

जानवी :- आदित्य. . तुम मुझसे इतना प्यार करते हो । और मैं तुम्हें समझ ही नही पाया ।

शमिका :- जानवी तुम यहां पर क्या कर रही हो ?

जानवी :- क्या तुम्हें पता है के आदित्य कहां पर है ?

शमिका :- वो तो अपने घर पर ही होगा ना ? 

जानवी :- तुम इसकी दोस्त हो , तो क्या तुम पता कर सकती हो के वो अभी कहां पर है ?

शमिका: - क्या बात है जानवी ? कुछ बात है क्या ?

जानवी शमिका को सब कुछ बोलकर सुनाती है , उसे सुनकर शमिका कहती है --

शमिका: - मुझे ये तो पता था के तुम और आदित्य डिवोर्स लो रहे हो , पर तुम भी उससे इतना प्यार करती हो , ये मुझे पता नही था । आदित्य जब भी मुझसे मिलता , सिर्फ तुम्हारी ही बाते करता , जानवी तुम बहोत लकी हो के तुम्हें आदित्य मिला है , वो तुमसे बहुत प्यार करता है जानवी ।

जानवी के आंखो मे आंशु आ जाता है , जानवी शमिका का हाथ पकड़कर कहती है --

जानवी :- तुम प्लीज मुझे आदित्य को ढुडने मे मदद कर दो । मैं .. उससे बहुत परेशान किया उसे बहुत गलत समझी । पर अब मैं सब कुछ जान चुका हूँ । मैं आदित्य से बहुत प्यार करती हूँ , प्लीज मुझे आदित्य का पता बता दो ।

जानवी की बात को सुनकर शमिका कहती है --

शमिका: - हां जानवी ... क्यों नही , तुम दोनो एक हो जाओ इससे बड़ी खुशी और क्या हो सकती है , मैं उसका पता जरुर लगाउगी । मैं उसके घर जाउगीं और विद्युत अंकल से उसके बारे मे पुछुगीं । तुम चिंता मत करो , तुम मुझे अपना नम्बर दे दो ।


To be continue....964