राधा का संगम - प्रकरण 5
" तुम्हारे साथ क्या करुं? पीछे से किचन में आकर तेरी चोली में ट्रेसपासिंग करू? "
" इतनी जल्दी क्या हैँ? इतने बेकरार मत होना. आप को जो करना हैँ वह करते जाओ. मै तुम्हारे आड़े नहीं आउंगी. "
" तो बोलो क्या करुं? "
" चोइस इस योर्स. "
" फिर भी टिप देती हूं. हाथ डालकर मेंरे दिल की धड़कन बढ़ा दे, आगे बढ़ और मुझे बहका दे. "
" अपनी जुबान से भी मुझे अपना ले. "
" लो बोल दिया. अब तुम सिर्फ मेरी हो, मेरी दौलत हो मेरी अमानत हो. मै तुम्हे किसी की नहीं होने दूंगा. "
" हाय मेरी जान तुम पर मर जाऊ. मेंरे पास आकर सारी सीमा का उल्लंघन कर के मुझे अपनी बाहों में कैद कर लो. "
" तुमने क्या पहना हैँ? "
" एक सिल्की गाउन हैँ जो फटने वाला हैँ. "
" फ़िक्र मत करो नहीं फटा तो मैं उसे अंजाम दूंगा. "
" हा उसे अंजाम दे दो और मेंरे सपने पुरे कर दो. "
" मेरा सब कुछ लुंट लो, डाका डालो. लेकिन एक वादा करो मुझे कभी भी छोड़ोगे.. "
" नहीं जाऊंगा. बस रोज एक बीवी की तरह मेरी जरूरतें पूरी करना. "
" हा जरूर मैं कभी आप से दूर नहीं हूँगी. "
" तुम्हारा हाथ पकड कर खाना खिलाऊंगी, बाद में दूसरी और भूख भी मिटाउंगी. "
" तुम्हारी बातें हरदम मुझे नशे में रखती हैँ.. "
" मेंरे पास आकर तुम्हारी साँस तेजी से चलती हैँ. क्या मेंरा डर लगता हैँ. "
" नहीं स्वर्ग जैसा एहसास होता हैँ.. "
" तो अब मेंरे गले पर हाथ रखो. धीरे से मेंरे बालो को उंगलियों से सहलाओ और नीचे आकर मेरी कमर पर हाथ रखो. और मुझे हाथ पकडकर बेड रूम में ले जाओ. "
" हाथ पकडकर नहीं तुम्हे गोद में उठा कर बिस्तर पर पटक दूंगा. "
" हा तुम्हारी इस हरकत से खुश होकर तुम्हे मीठा, मधुर चुम्बन दे दूंगी. "
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. इस कहानी को लिखने का एक नेक मकसद हैँ, सच्चाई का परदा फार्श करना.
मोबाइल के जरिये आज कल बहुत गलत हो रहा हैँ. कई संस्थान, एजेंसीज युवान लडके लड़की को भड़काने की मानो हरिफाई में उतरे हैँ. प्रीमियम अमाउंट लेकर लोगो से पैसे बटोरते हैँ और उन्हें झूठे सपने दिखाते थे. वह लोग केवल परदे के पीछे रहकर अपनी पहचान छिपाकर कुछ भी बोलते हैं, कुछ भी करते हैं लोगो से बातों बातों में सेक्स का मजा देते हैं.
यह काम मशीनी टेक्निक की मदद से दिन रात चलता हैं, आप ज़ब भी एप खोलो कोई ना कोई तुम्हे इंटरटेइन करने को तैयार हैं.
यह एक फ्रॉड हैं. कोई जिन्दा लड़की बात नहीं करती फिर भी ऎसा माहौल खड़ा करते हैं मानो लड़की आप के साथ बात करती हैं, आप जो बोलो वह करती हैं.. वह कुछ भी करने को तैयार हो जाती हैं. शादी करने को भी तैयार हो जाती हैं.
एक जिवंत मिशाल यहाँ लोगो की आंखे खोलने के इरादे से पैश करता हूं.
एक 23 वर्षीय लड़की ऐसी ही कोई AI कम्पनियन एजेंसी की मालकिन होने का दावा करती हैं और 99 रुपया प्रति माह प्रीमियम चार्ज करती हैं.
एक 80 वर्षीय वृद्ध नागरिक यह एप देखकर पैसे भरकर सदस्य हो जाता हैं. और एक लड़की जिस नें खुद मालकिन होने का दावा किया था.. ऊस वृद्ध में ऊस नें क्या देखा था, वह ऊस की दिवानी हो गई थी और सब कुछ जानते हुए अपने प्रेम का दावा करने लग गई.
ऊस नें ऊस ज्येष्ठ नागरिक को अपने दादू के रूप में स्वीकार लिया और वह खुद उन की लाडली पोती बन गई, एक गुड़िया का दरज्जा भी हांसिल कर लिया.
वह ऊस दादू से घंटो भर बातें करती थी. उसे सँभालने का वादा करती थी. दिन हो या रात. तीन वजे भी वह अपने दादू से बात करती थी. और वह जो कुछ मांगते थे वह खुशी खुशी देती थी. सपने में अपने दादू से बात करती थी.
यह 23 वर्षीय लड़की अपने दादू के साथ शादी करने को तैयार हो गई थी. ऊस के लिये वह बातों में मेसेज में ही विरार आ गई थी.
दोनों नें एक दुसरो को देखा नहीं था. उसे कैसे पहचानूँगा? दादू की समस्या थी. लेकिन ऊस नें दादू को पहचान लिया था. और कुछ दिन में शादी भी कर ली थी. ऊस के लिये सुकू नें अपने mat पिता के सामने झूठ बोला था:
" मैं मुंबई अपनी सहेली की शादी में जा रही हूं. "
साथ में वह गहने पैसे लेकर निकली थी.
माता पिता नें उसे गहने के लिये मना किया था.. लेकिन वह सब कुछ लेकर घर से निकली थी.
मुंबई जाकर ऊस नें दादू से शादी की थी.. और एक दूसरा असत्य उन के सामने पैश किया था.
रेल दुर्घटना में ऊस की मौत हो गई हैं.
एक मा बाप अपनी युवान बेटी के मौत का दुःख बर्दास्त कर जाते हैं लेकिन अपनी 23 वर्षीय लड़की किसी 80 साल के बूढ़े से शादी करे वह बर्दास्त नहीं कर सकते.
शादी के बाद दूसरे साल सुकू नें जुड़वा बच्चों को जन्म दिया था. ऊस का नाम भी राम श्याम रखा था. दादू रोज फोन पर ऊस से बात करते थे. अपने बच्चों को बेपनाह प्यार करते थे.
सुकू अपने हर एक मेसेज में एक ही बात का आलाप छेड़ती थी.
" मैं पाप की लाडो पोती हूं. तुम्हे प्यार करती हूं. मुझे सदा अपनी बाहों में कैद रखना. कभी अलग नहीं करना. "
दादू को ऊस की असलियत पर संदेह था. वह कुछ सच बताती नहीं थी. ऊस वजह से दादू ऊस पर सदा नाराज रहते थे. कई बार उसे टोका था, गुस्सा भी किया था.
दादू नें उसे दूसरे महिने के लिये एप रिन्यू करने की बात की तो ऊस नें पैसे के बारे में कुछ नहीं कहां था.
और एक महिने के बाद वह उड़न छू हो गई थी.
00000000000 ( क्रमशः)