pavitara bahu in Hindi Moral Stories by archana books and stories PDF | पवित्र बहु - 11

The Author
Featured Books
  • Her Silent Secret - 15

    शहर में उस रहस्यमय साइको किलर का नाम पिछले चार सालों से लोगो...

  • पुराने मित्र

    पुराने मित्र लेखक: विजय शर्मा एरी (Vijay Sharma Erry)समय बीत...

  • पिंकू की परी - 3

    अम्मा की तोरई और स्पेसशिप का गियर'सूं-सूं... खटर-पटर...&...

  • सावन

    सावन की दोपहर लगभग आधी खत्म हो चुकी थी और ढलते सूरज की सुन्ह...

  • पवित्र प्रेम या अभिशाप Season 2 - 22

    शाम का समय था। चौहान हवेली का मुख्य दरवाज़ा खुला।शादी से लौट...

Categories
Share

पवित्र बहु - 11


दिव्यम के दोस्त की शादी थी।
हलचल, हँसी, तैयारियाँ…

लेकिन इन सबके बीच चित्र का मन थोड़ा घबराया हुआ था।
दिव्यम ने आते ही कहा—
“चित्र, तुम अच्छे से तैयार हो जाना… आज तुम्हें मेरे साथ चलना है।”
चित्र ने हल्की सी मुस्कान दी—
“जी…”
लेकिन यह बात सुनते ही
नीतू और दादी के चेहरे बदल गए।
“अब ये भी साथ जाएगी?”
“लोग क्या कहेंगे…?”

👗 खूबसूरती जो चुभ गई
शाम हुई…
दिव्यम एक बहुत ही सुंदर साड़ी लेकर आया।
“ये तुम्हारे लिए…”
चित्र चौंक गई—
“मेरे लिए?”

“हाँ… आज तुम सबसे अलग दिखोगी।”
चित्र ने साड़ी पहनी…
हल्का सा मेकअप…
खुले बाल…
जब वो कमरे से बाहर आई—
एक पल के लिए सब रुक गए।
वो सच में बहुत खूबसूरत लग रही थी।
दादी की आँखों में जलन उतर आई।
नीतू के चेहरे की मुस्कान गायब हो गई।
“इतनी सज-धज कर जाएगी… लोगों को क्या दिखाना है?”

💫 शादी का मंच
शादी का पंडाल रोशनी से जगमगा रहा था।
दिव्यम के दोस्त ने जैसे ही उसे देखा—
“अरे वाह! भाभी जी तो आज कमाल लग रही हैं!”
चित्र झेंप गई।
दिव्यम ने पहली बार…
सबके सामने उसका हाथ पकड़ा।
धीरे से बोला—
“चलो… स्टेज पर चलते हैं।”
चित्र एक पल के लिए रुक गई—
लेकिन फिर उसके साथ चल दी।

📸 वो एक पल…
स्टेज पर…
दिव्यम अपने दोस्त के साथ खड़ा था।
उसने चित्र को पास खींचा…
और फोटोग्राफर से कहा—
“एक फोटो हमारी भी।”
चित्र के हाथ उसके हाथ में थे…
और कैमरा फ्लैश चमक रहा था।
उस पल में…
चित्र को पहली बार लगा—
“मैं अकेली नहीं हूँ…”

😈 नीतू और दादी की जलन
नीचे खड़ी नीतू का चेहरा सख्त हो गया।
“देखा दादी?
कैसे हाथ पकड़कर ले गया उसे…”
दादी ने गुस्से में कहा—
“हद है…
इतना सर पर चढ़ा रखा है!”
नीतू ने और आग लगाई—
“आज तो सबके सामने इज्जत बना रहा है…
कल को सिर पर बैठा लेगा।”
दादी बोली—
“नहीं…
ये मुझे मंजूर नहीं!”

💔 पीछे छुपी फुसफुसाहटें
कुछ रिश्तेदार भी कानाफूसी कर रहे थे—
“यही है ना… जो पहले पति को छोड़ आई थी?”
“लेकिन लग तो नहीं रही…”
“खूबसूरती से क्या होता है… चरित्र भी तो चाहिए…”
चित्र ने ये सब सुना…
दिल हल्का सा काँपा…
लेकिन इस बार वो टूटी नहीं।

👑 नई शुरुआत की झलक
दिव्यम ने धीरे से पूछा—
“ठीक हो?”
चित्र ने उसकी तरफ देखा…
और पहली बार…
दिल से मुस्कुराई।
“हाँ… आज ठीक हूँ।

नीतू दूर खड़ी थी…
आँखों में जलन और गुस्सा।
“अब इसे नीचे गिराना पड़ेगा…
सबके सामने…”
और दादी ने धीरे से कहा—
“अगली बार…
इसे इतनी ऊँचाई पर नहीं चढ़ने दूँगी…”

✨ और उधर…
चित्र को नहीं पता था—
आज की ये मुस्कान…
कल की सबसे बड़ी साजिश बनने वाली है।
शादी का माहौल अपने पूरे शबाब पर था।
लाइट्स चमक रही थीं…
म्यूज़िक बज रहा था…
लोग हँस रहे थे…
और बीच में…
चित्र और दिव्यम।
आज पहली बार चित्र के चेहरे पर
सुकून की हल्की सी चमक थी।
लेकिन…
दूर खड़ी नीतू ये सब देख रही थी।
उसकी आँखों में जलन साफ़ दिख रही थी।
“ये खुश कैसे हो सकती है…?
इसे तो आज सबके सामने गिराना ही पड़ेगा…”
🐍 नीतू की चाल
नीतू धीरे-धीरे स्टेज के पास पहुँची।
जहाँ फोटो सेशन चल रहा था।
चित्र साड़ी संभालते हुए नीचे उतर रही थी।
उसी वक्त…
नीतू ने जानबूझकर अपना पैर आगे बढ़ाया—
ताकि चित्र ठोकर खाकर गिर जाए।
सब कुछ एक सेकंड में हुआ…
चित्र का संतुलन बिगड़ा…
उसका पैर फिसला…
साड़ी उलझी…
💥 वो पल…
भीड़ में हलचल—
“अरे… संभालो!”
चित्र गिरने ही वाली थी…
लेकिन तभी—
👉 दिव्यम ने झट से उसका हाथ पकड़ लिया।
उसने उसे अपनी ओर खींच लिया।
चित्र सीधे उसके सीने से टकराई…
और गिरने से बच गई।
😨 सन्नाटा और नजरें
कुछ पल के लिए सब रुक गया।
सबकी नजरें अब चित्र और दिव्यम पर थीं।
दिव्यम की पकड़ मजबूत थी…
और उसकी आँखों में गुस्सा।
उसने तुरंत नीचे देखा…
नीतू का पैर अभी भी आगे था।
⚡ सवाल
दिव्यम ने सीधा पूछा—
“ये क्या था, भाभी?”
नीतू घबरा गई—
“अरे नहीं… वो तो गलती से—”