अशोक :- कोई बात नही बेटा । तु समझ गयी पर बेटा आज के जमाने मे तो बेटीयां अपने मां बाप के खिलाफ जाकर भागकर शादी कर लेती है और विडियो को सोसल मिडिया मे डालकर कहती है के मैं अपने मर्जी से इसके साथ भागी हूँ । अगर इन्हें या इनके परिवार को कुछ भी होता है तो उसमे मेरा मां बाप का गलती होगा । ये सब क्या है , प्यार करो मना नही है , अरे हर मां बाप चाहता है के जिससे उसकी बेटी की शादी हो वो लड़का उसकी बेटी को प्यार करे । सोचो उस बाप के दिल मे क्या बीतेगी जब उसे पता चलेगा के उसकी बोटी किसी और के साथ भाग गई और ऐसा विडियो बनाया है । वो उसी पल अंदर से मर गया होगा । क्या बेटी का अच्छा भविष्य के बारे मे सोचना एक बाप के लिए पाप है । क्या जिस बेटी को उसने सिने लगाकर बड़ा किया , अपना सब शौक त्याग कर जिस बेटी को बड़ा किया वो बेटी अगर अपने बाप को दुश्मन समझे तो उस बाप पर क्या बीतेगी । भागा कौन लड़की , बदनाम कैन हूआ , लड़की का बाप , विडियो मे दुश्मन कौन बना लड़की का बाप , समाज मे सर निचा किसका हूआ , लड़की के बाप का । क्यों क्योकी इस बाप ने अपना सबकुछ त्याग कर उसे बड़ा किया । पर मुझे गर्व है बेटा के तु मेरी बेटी है , जो मुझे समझती है ।
जानवी :- पापा , आप कैसी बात कर रहे हो , आप मेरे सब कुछ हो , अगर विकास को अपनी अच्छाई साबित करने का मोका मिला है तो ये तो उसके लिये भी अच्छा ही है ना पापा । क्यों विकास ।
विकास कहता है --
विकास :- अ.... हां ....
विकास मन ही मन सौचता है --
" कितना अच्छा मुझे जानवी की पूरी दौलत मिल रही था इस बुड्डे ने सब बर्बाद कर दिया । अब अगर जानवी सबकुछ छोड़कर मेरे पास आ गई तो मैं क्या करूगां । मेरे पास कुछ ही समय बचा है अपने कंपनी को बचाने का । और फिर कोर्ट का नया फंडा , पता नही क्या होगा । अगर सब सच बाहर आ गया तो मैं तो गया फिर ।
।
जानवी आदित्य के पास जाती है और कहती है --
जानवी :- ज्यादा खुश होने की जरुरत नही है , भले ही हम कल शादी नही करेगें पर बहोत जल्द शादी करेगें ।
आदित्य :- मुझे भी उस पल का अब इंतेजार है जानवी । अब तुम्हारा जो मन तुम वो करो मैं कुछ नही करूँगा , वैसे भी मैं तुम्हें डिवोर्स सिर्फ इसिलिए नही दिया होने दिया क्योकी जो इल्जाम तुमने मुझपर लगाए हो , उन सबकी जांच के बाद ही मैं डिवोर्स के लिए हां कह दूगां । और अगर तुम्हें लगता है के मुझे दौलत की जरुरत है तो जानवी जी , आप बहोत बड़ी बेवकुफ हो । एक बार सच्चाई सामने आ जाए उस दिन मैं खुद यहां से चला जाउगां ।
आदित्य इतना बोलकर वहां से जाने लगता है तो अशोक कहता है ।
अशोक :- बेटा मेरा सुनो ।
अशोक की बात पर आदित्य रुक जाता है तब जानवी कहती है --
जानवी :- उसे जाने दो पापा , ऐसे बुरे आदमी को रोकना अच्छा नही होता है ।
आदित्य जानवी के पास आता है और कहता है--
आदित्य :- मैं बहोत बुरा हूँ ना ? ठिक है बुरा ही सही , वैसे भी ये डिवोर्स मैने इसलिए रुकवाई ताकी तुम्हें सच्चाई का पता लगे और तुम सेफ रहो पर नही , कोई बात नही , मैं बुरा ही सही और तुम्हें तुम्हारे जैसा विकास ही सही ।
इतना बोलकर आदित्य वहां से चला जाता है ।
विकास अपने घर पर बहोत टेंशन मे था , वो ये सौच रहा था के अगर पुलिस को सब सच का पता चल गया तो क्या होगा । विकास इस बात से भी ज्यादा परेशान था के आखिर आदित्य उसके काली के बिच की बात को कैसै पता ।
विकास :- ये आदित्य आखिर कौन है , जो मेरे और काली ते बारे सब पता है । सुरु से ही इसका एटिट्यूड मुझे कुछ ठिक नही लगता , ये कुछ तो छुपा रहा है ।
जानवी भी अपने घर मे आदित्य के बातो को ही सौच रहा था ।
जानवी :- क्या आदित्य सच बोल रहा है या ये उसका कोई प्लान है ताकी मैंरे और विकास के बिच गलतफहमी ला सके । ये मेरी याददाश्त को क्या हो गया है , मुझे कुछ याद क्यों नही आ रहा है ।
जानवी अपने दिमाग पर जौर देती है पर उसे कुछ याद नही आ रहा था , जानवी अपने सर को पकड़ती है और कहती है--
जानवी :- समझ मे नही आ रहा है के किस पर भरोसा करु , विकास को तो मैं आदित्य से पहले से जानती हूँ । विकास ने कभी ऐसा करने की कोशिश नही की , तो क्या आदित्य ने जो कुछ भी कहा क्या वो सब झुट था , ताकी मेरी याददाश्त जाने का फायदा उठाकर वो मुझे और विकास को दुर कर सकते ।
जानवी अपने जगह से उठकर दरवाजे के पास आकर खड़ी हो जाती है और फिर उसी जगह पर आकर बैठ जाती है और फिर कहती है---
जानवी :- पता नही इस बिच क्या हूआ होगा । हो सकता है के आदित्य सच बोल रहा हो , मुझे समझ बूझ के साथ काम करना होगा । ऐसे किसी पर भी मैं भरोसा नही कर सकती । क्योकी पापा भी तो सुरु से ही विकास के खिलाफ है और मेरे पापा मेरा अच्छा ही सोचेगें । मुझे ही संभलकर रहना होगा ।
जानवी :- पर पता नही क्यों जब भी मैं आदित्य के पास जाती हूँ मैरे दिल जौर - जौर से क्यों धड़कता है , आखिर ऐसी क्या बात है उस आदित्य मे जो मुझे उसकी और खिंचता है ।
कोर्ट के आदेश के बाद मोनिका के पैरों तले ज़मीन खिसक जाती है क्योंकी जांच का मतलब था— मेडिकल टेस्ट , डीएनए रिपोर्ट और सबसे ख़तरनाक… सच का सामने आना , जिस झूठ के सहारे वो महीनों खड़ी रही थी, अब वही झूठ उसकी गर्दन कसने लगा था।
इधर मोनिका घर के बाहर खड़ी थी और घरके अंदर जाने से डर रही थी । क्योकी मोनिका कोर्ट मे हूए बात को लेकर परेशान थी । मोनिका घर के अंदर जाती है -- जैसे ही कोर्ट का नोटिस घर पहुँचा,
मोनिका के पिता का चेहरा पीला पड़ गया। रघुनाथ हैरानी के. साथ वो नोटिस पड़ता है और घबराते हूए कहता है ---
रघुनाथ :- “ये क्या है मोनिका?”
एत पिता की आवाज़ काँप रहा था ।
पहली बार मोनिका के पास कोई जवाब नहीं था। वो चुप रही…
बहुत देर तक।
तभी रेखा बाहल आई तो दैखा की रघुनाथ परेशान है और उसके हाथ पर एक कागज है , रेथा को दैखकर मोनिका की सांसे रुक गई , रेखा रघुनाथ का पास जाती है और वो कागज रघुनाथ के हाथ से लेकर कहती है ---
रेखा :- ये कैसी नोटिस है ।
इतना बोलकर रेखा नोटिस पड़ने लगी , नोटिस जैसे - जैसे पड़ती गई , रेखा हैरान हो गई , उसकी आंखे फटी के फटी रह गई ।
रेखा मोनिका के पास जाती है और मोनिका के गाल पर एक थप्पड़ मारती है और गुस्से से कहती है ---
रेखा :- ये.... ये क्या किया तुने ? किसका बच्चा लेकर घुम रही है, अगर आदित्य के साथ ही रहना था चो फिर तुने बेचारे विक्की को धोका क्यों दिया , अब पता नही क्या होगा , अगर ये बात विक्की को पता चली तो पता नही क्या हो जायेगा ।
रेखा मोनिका के दोनो हाथ पकड़कर कहती है --
रेखा :- ये क्या कर दिया तुने मोनिका , सबके सामने हमारा सर निचे कर दिया । जब उस आदित्य के साथ ही रहना था तो फिर विक्की के साथ क्यों गई , हमने तो कभी तेरे फैसले के खिलाफ नही गया । तो फिर तुने ये सब क्यों किया । बता कलमुही तुने ये कंलक क्यों दिया । क्यों दिया ।
इतना बोलकर रेखा रोने लगती है और सोफे पर बैठ जाती है , मोनिका इन सबसे एकदम अनजान थी के कोर्ट मे ऐसा कुछ हो जाएगा । मोनिका को कउ़ुछ भी समझ मो नही आ रहा था के वो क्या बोले तभी रेखा मोनिका से फिर कहती है --
रेखा :- तु एक काम कर , चली जा यहां से , दुर हो जा हमारी नजरो से , हम सौचोगें के मेरी ओक बेटी थी जो मर चुकी है जा. जा चली जा तु , दुर हो जा मेरी नजरो से । उस विक्की को हम क्या जवाब देगें । क्या मुह दिखाएगें उसे ।
तभी अचानक मोनिका फूट पड़ी , और रोने लगी , मोनिका रोते हूए कहती है ---
मोनिका :- ये बच्चा विक्की का ही है ।
इतना बोलकर मोनिका रोने लगती है , मोनिका की बात रेखा और रघुनाथ के कानो पर गुजंने लगता है । रेखा और रघुनाथ खो समझ मो नही आ रहा था के मोनिका ने क्या कहा । तभी रेखा कहती है --
रेखा :- क्या कहा तुने , ये बच्चा विक्की का है ।
मोनिका :- हां माँ ।
मोनिका रोने लगती है , रेखा गुस्से मे आकर मोनिका का पास आती है और कहती है --
रेखा :- तो फिर ये सब क्या है , ये कोर्ट का नोटिस क्यों , तुने कोर्ट मे झुट क्यों बोला के तेरे पेट मे आदित्य का बच्चा है । मोनिका क्या चल रहा है ये सब , क्या कर रही है तु । क्या चल रहा है तेरे दिमाग मे चल बता । अगर विक्की को ये पता चलेगा तो वो क्या कहेगा । जब कोर्ट मो तु गलत साबित होगी तब क्या होगा । तु किसीको मुह दिखाने के लायक नही रहेगी ।
तभी रघुनाथ मोनिका से कहता है --
रघुनाथ: - तु ये सब क्यों और किसके लिए कर रही है । हमे तो सर्म आ रही है के तु मेरी बेटी है । पेट मे किसी और का बच्चा ले के तु आदित्य को फसा रही है । आखिर तु ये सब क्यों कर रही है ।
रोते हुए मोनिका ने सब बता दिया— के कैसे विक्की के साथ रिश्ता
उसका टाइम पास था , कैसे विक्की ने उसका फायदा उठाया , मोनिका ने सब कुछ कहा , विक्की पहले से किसी और से प्यार करता है और उसके आने के बाद कैसे मोनिका को 10 लाख देकर चले जाने को कहा , तब कैसे मोनिका ने जानवी को सब झुट बताया और कैसे आदित्य को ब्लेकमैल किया । और आज कैसे अनजाने मे कोर्ट मे ये बात हो गई । मोनिका ये सब रेखा और रघुनाथ को बोलकर सुना देती है ।
प्रेगनेंसी 10 लाख रुपये और फिर उसका अकेला छूट जाना ये सब सुनकर घर में सन्नाटा छा गया। उसके पिता ने पहली बार कठोर आवाज़ में कहा—
रघुनाथ :- “तूने सिर्फ़ अपनी ज़िंदगी नहीं बिगाड़ी, तीन लोगों की इज़्ज़त मिट्टी में मिला दी। जब सच सबके सामने आएगा तब कैसे तु लोगो के सामने मुह दिखाएगी ।सइय लड़की ने तो हमे कहिका नही छोड़ा । सब बर्बाद कर दिया इसने ।
रेखा :- मैने तो पहले ही कहा था के आदित्य को छोड़कर ये पैसे के पिछे भागी , तो ले मिल गया तुझे 10 लाख , अब जा ऐश कर , उस विक्की ने तेरी इज्जत की किमत लगा दिया है । वो जानता था के तु पैसे के पिछे भागने वाली लड़की है और उसने इसका फायदा उठाया । अब मिल गई ना तेरे दिल को ठंडक । कितना बेसरम लड़की है , किसी और का बच्चा लेकर आदित्य को फसा रही है और उसका रिश्ता भी तोड़ने लगी । छी: और कितना झुट बोलेगी । एक ना एक दिन ये सच तो आना ही था ।
मोनिका वहां से चुप चाप रोती हूई अपने कमरे मे चली जाती है।
रेखा रघुनाथ की और गुस्से दैखती है , रघुनाथ समझ जाता है के रेखा उससे बहोत नाराज है , क्योकी जब रेखा मोनिका को विक्की से मिलने को मना करती थी तब रघुनाथ ही वो नेकलेस दैखकर मोनिका को बड़ावा दिया था । रघुनाथ कुछ कहता इससे पहले रेखा वहां से चली जाती है ।
इधर आदित्य पहले से ही टूट चुका था क्योकी कोर्ट मे जो भी हूआ वो अच्छा नही हूआ । जानवी का तलाक़ का केस तो ठिक था पर जानवी ने उस पर लगा धोखे का इल्ज़ाम लगा कर अच्छा नही किया । ये सब सोचकर आदित्य बहोत परेशान था ।
तभी वहां पर पूनम , विद्युत और अनय आ जाता है । आदित्य को परेशान दैखकर पूनम आदित्य के पास जाती है , आदित्य अपने मां , पापा और भाई को दैखकर बहोत खुश हो जाता है और चेहरे पर हल्की मुस्कान लिये अपनी मां के गले लग जाता है । आदित्य अपने दिल को दर्द को दबाने की कोशिश कर रहा था ताकी जो हलचल उसके अंदर चल रहा है , वो चेहरे पर ना आ जाए ।
To be continue....770