{ रहे तेरी दुआ मुझ पर - ग्यारहवां हस्सा}
[फलेशबेक -1]
{कुहेद कबिले पर जादूगर जोहरान का कहर}
नूर अपने घुटनो पर बैठी अपने अब्बा अम्मी के साथ बिताये पलो को याद कर रही थी, जब ये जगह खुशियो से भरी हुई थी, तब कही से वो जादूगर जोहरान उनकी दुनिया मे आ पहुंचा, वह जिन्नो की दुनिया के उस दरवाजे को पर कर कुहेद पाहड़ पर बसे कुहेद कबिले के इलाके मे आ पहुंचा और धीरे धीरे वहा बसे उस कबीले के जिन्नो से सोदा कर उन्हे हराकर उनकी जादूई ताकत हासिल करने लगा, मगर उसका इरादा तो वो ताकत हासिल करना था जो उन सात करामाती जिन्नो के हिस्से से बनी थी, इसके लिए उसने धीरे धीरे अपनी काली जादूई ताकतो को बढ़ाया और जा पहुंचा कुहेद पहाड़ के कबिले मे, वह जिन्नो की दुनिया मे नही जा सकता था पर उसे सिर्फ कुहेद कबिले मे ही जाना था और वह वहा पहुंच भी गया .
सरदार हदाद की परेशानी और गुस्सा,,,
जादूगर जोहरान और उसके साथ उसके कुछ शार्गिद कुहेद कबिले मे मोजूद थे, और उन्होंने धीरे धीरे वहा के जिन्नो को शिकार बनाना शुरू कर दिया था, इस बात की खबर जब कुहेद कबिले के सारदार और नूर के अब्बा सारदार हदाद को चली तो वह हैरान हुए कैसे एक इंसान जिन्नो की दुनिया मे कैसे दाखिल हो सकता है और कैसे उस दुनिया के जिन्नो मार सकता है, ये जरूर कोई आम इंसान नही है जो इतने ताकतवर जिन्नो से मुक़ाबला करे , ये कोई ताकत वर इंसान है, ‘जो किसी तरीके जादूई ताकत हासिल कर चुका है और जिन्नो को खत्म कर उनकी ताकत हासिल कर रहा है, तब सरदार हदाद ने उस जादूगर को ढूंढकर खत्म करने का हुक्म दिया और उसे मारने के लिए बहुत जिन्नो को भेजा मगर कोई वापस नही आ पाया इस बात की खबर पूरे कबिले मे फैल चुकि थी और दूसरे कबिलो मे भी, जादूगर जोहरान कुहेद कबिले के सभी छोटे बड़े जिन्नो को हरा रहा था उसका कहर उस कबिले के हर जिन्न पर पड़ रहा था, सरदार हदाद बहुत परेशान थे वह एक सरदार होकर भी कुछ नही कर पा रहे थे एक तो उनका कबिला करामाती जिन्नो के खत्म हो जाने से कमजोर हो चूका था और दूसरा यह था कि दूसरे जिन्न कबिले भी उनकी मदद नही कर रहे थे, उन्हे मालूम चल चूका था कि जादूगर जोहरान उन जिन्न कबिलो के तरफ नही आ सकता है और जादूगर जोहरान की ताकत से वह वाकिब हो चुके थे, वह अपने लोगो को खोना नही चहते थे और उसको उन जिन्न कबिलो से कोई मतलब नही था वह बस उन करामाती जिन्नो की जादुई ताकत चाहता था जो कुहेद कबिले के सभी जिन्नो को खत्म कर वह हासिल कर लेगा वह कबिले पहले से ही कुहेद कबिले के दुश्मन थे और उन्हे मोका भी मिल रहा उनको खत्म होते देखने का, वो बल्कि खुश थे ये सब होता देखकर .
इधर सरदार हदाद बहुत गुस्से था और परेशान भी वह अपने कबिले के लोगो को नही बचा पा रहा था, उस कबिले के जिन्न जादूगर जोहरान के शिकार होते जा रहे थे, वह खुद भी उसे ढूढ़ने निकल पड़ा मगर उसे वह नही मिला मिली तो उसके जिन्न साथियो की लाशे, जो राख बन चूकि थी वहा वहा खड़ा उन्हे देख रहा था वह बेबस, अपने आप को कमजोर और लाचार समझ रहा था जो अपने लोगो को नही बचा पा रहा था .
सरदार हदाद और जादूगर जोहरान की लड़ाई,,,
फिर उसे थोड़ी दूरी पर जादूगर जोहरान नजर आया जो उसे देख मुस्कुरा रहा था, काले लाल रंग के लिबस मे और उसके चारो तरफ फैली लाल रंग की रोशनी मे वह किसी शैतान से कम नही लग रहा था, वह उसे पहचाना नही मगर ये जानते उसे देर नही लगी कि ये ही है वो जादूगर जोहरान जो कुहेद कबिले के लोगो को खत्म कर रहा है, सरदार हदाद उसे देखकर खुद को रोक नही पाया उस पर हमला बोल दिया, मगर जादूगर जोहरान पर उसके हमले का कोई असर नही हुआ उल्टा वह हंसता है उस पर और कहता है,, कुहेद कबिले के सारदार और सबसे ताकतर जिन्न होकर भी तुम मेरा कुछ नही बिगाड सकते सरदार हदाद, मै तुम्हे आसानी से खत्म कर सकता हूं, करूंगा भी और तुम्हारे अलावा तुम्हारे कबिले के हर एक बच्चे बुडे औरत सभी तरह के जिन्नो को खत्म करना है मुझे तभी मे वो हासिल कर पाऊंगा जो मै यहा हासिल करने आया हूं और वो है उन सात करामाती जिन्नो के आखरी हिस्सो से बनायी गई वह जादूई ताकत जो मुझे इंसानी दुनिया और तुम्हारी जिन्नो की दुनिया मे सबसे ताकतवर बना देगी और फिर मै आसानी से हर जिन्नी दुनिया मे जा पाऊंगा और उनके साथ बिना सोदा किये भी उन्हे मार सकता हूं और फिर मुझे कोई नही रोक पायेगा,, हा हा हा, अगर तुम चाहते हो कि मै तुमसे लडू तो तम्हे मेरे साथ सोदा करना होगा अपनी ताकत का और
अपनी जिन्दगी और बदले मे मुझे हराने पर तुम मेरी जिन्दगी और मेरी सारी जादुई ताकत जीत सकते हो .
मगर वह जादूगर जोहरान की बातो पर ज्यादा ध्यान नही देता हलाकि उसे मालूम चला था कि वह सोदा किये बिना उसे मार नही सकता और ना उसकी ताकत हासिल कर सकता है मगर उस पर गुस्सा सवार था वह उस पर एक के बाद एक हमले कर देता है अब जादूगर जोहरान भी सोदे को एक तरफ रख, लग जाता है सरदार हदाद से लड़ने और अपनी काली जादूई ताकतो से उस पर भारी पड़ने लगता है, दोनो के बीच जोर दार लड़ई चल रही थी दोनो अपनी अपनी ताकत लगा रहे थे .
इधर सरदार हदाद जादूगर जोहरान के हमलो से काफी जख्मी हो चुका था और उसकी ताकते भी अब कमजोर हो रही थी मगर उसका गुस्सा और उसके जिन्न साथियो को खत्म करने का बदला उसे लड़ने पर मजबूर कर रहा था
फिर वह अपनी पूरी जादूई ताकत लगाकर उस पर हमले कर देता है जिससे जादूगर जोहरान भी ज्खमी हो जाता है
अब जब सरदार हदाद ने उससे कोई सोदा नही किया था तो वह उसे मार भी नही सकता था इसलिए वह वहा से अपने शागीर्द के साथ गायब हो जाता है .
सरदार हदाद अपने घूठनो पर बैठा जादूगर जोहरान को अपनी आंखो के समाने से गायब होते देखता है वह पूरी तरह ज्खमी हो चुका था अब उसमे और लड़ने की ताकत नही बची थी इसलिए वह उसका पिछा नही कर करता,
फिर सरदार हदाद वहा से किसी तरह वापस अपने महल मे लोट आता है, जहा पर कुछ जिन्न साथी, उसकी बीवी और उसकी बच्ची नूर मोजूद थी, नूर अपने बाबा यू इस तरह जख्मी हालत मे देखकर घबरा जाती है उसकी आंखे नम हो जाती है उसकी अम्मी भी अपने शोहर के लिए फिक्र मन्द होती है मगर वह अच्छी तरह से जानती थी उनकी हालत की वजह और कौन जिम्मेदार है मगर वह कुछ नही कर सकती थी इसलिए वह अपनी जादूई ताकत से सरदार हदाद का इलाज करती है जिसमे वह अपनी सारी जादूई ताकत लगा देती है और फिर कुछ वक्त बाद सरदार हदाद को होश आ जाता है, उसकी बेटी नूर उसके पास ही खड़ी थी बाबा को होश आते ही उनके गले लग जाती है और रोना शुरू कर देती है उसके बाबा नूर को गले से लगाकर दिलाशा देते हुए कहते है,, मेरी बच्ची नूर मुझे कुछ नही हुआ मै ठीक हूँ तुम अपने आप को मजबूत बनाओ, तुम्हे अपनी जादूई ताकत का इस्तेमाल करना है दुश्मन बहुत ताकतवर उससे हम सबको मिलकर लड़ना है और जीतना है हमे अपने कबीले की हिफाजत करनी है, फिर उसके बाद नूर की अम्मी से कुछ बाते करते है और उन्हे बताते है की उनका सामना किस बला से नूर की अम्मी भी हेरत मे पड़ा जाती है कि जिन्नो की दुनिया मे से सबसे ताकवर जिन्न सरदार हदाद को कोई इतनी आसानी से हरा सकता है
फिर नूर और अपनी बीवी के वहा से जाने के बाद सरदार हदाद अकेला बैठा सब सोच रहा होता है अब उसे गम, परेशानी, और गुस्से ने उसे घेर लिया था, जादूगर जोहरान का मकसद वह अच्छी तरह से जान गया था, जो जादूगर जोहरान कुहेद कबिले के हर जिन्न को मारकर ही हासिल कर सकता था, वह उससे जीतने की कोई तरकीब सोचता है फिर वह सोचता है कि वह करामाती जिन्नो की ताकत जो उस गुफा मे मोजूद है जहा सालो से कोई नही गया और ना ही वहा किसी को जाने दिया जाता है उससे पहले के जिन्न सरदारो को भी वहा जाने से मना किया गया था जबतक की कोई जरूरत ना आ पड़े, मगर आज वह वक्त आ गया था, जब वह वहा जाने वाला था उसने अपना मन बना लिया था, फिर वह इरादा कर चल पड़ता उस गुफा मे जहा कभी करामाती जिन्नो का बसेरा था, जहा चारो ओर उन करामाती जिन्नो का तिलिस्म मोजूद था मगर अब कुछ नही था, बस अंधेरा छाया हुआ पूरी गुफा मे, जिसका कारण था उन करामाती जिन्नो वहा ना होना जो अब मर चुके थे .
कहानी जारी है .......✍️