एपिसोड: 'ट्रिनिटी का उदय: रक्त और राख'
चर्च की छत से उठी वह नीली रोशनी अब पूरे शहर के आसमान पर एक जाल की तरह फैल चुकी थी। अन्वेषा, जो अब महज़ एक लड़की नहीं बल्कि 'इन्फिनिटी' बन चुकी थी, हवा में तैरते हुए खन्ना टावर्स की ओर बढ़ रही थी। उसके पीछे तबाही का मंजर था—हज़ारों ड्रोन्स जो कभी शिकारी थे, अब बेजान धातु के टुकड़ों की तरह सड़कों पर बिखरे थे।
1. वजूद की जंग: मशीन बनाम मनुष्य
चर्च के मलबे के बीच देब अपनी फटी हुई वर्दी और लहूलुहान शरीर के साथ खड़ा था। उसके हाथ में अभी भी वह माइक्रो-एसडी कार्ड था, जिसने उसकी पूरी पहचान को राख कर दिया था।
"देब! हमें निकलना होगा!" आर्यन ने चिल्लाते हुए उसका कंधा झकझोरा। "अन्वेषा को रोकना होगा, वरना वह खुद को और इस शहर को जला देगी।"
देब ने मुड़कर आर्यन की ओर देखा। उसकी आँखों में वह पुरानी वफादारी नहीं, बल्कि एक गहरा शून्य था। "छोटे साहब, मैं एक 'प्रोजेक्ट' हूँ। सम्राट खन्ना की प्रयोगशाला में बना एक खिलौना। मेरी यादें, मेरा बचपन... सब एक प्रोग्रामिंग है। मैं आपके साथ क्यों चलूँ?"
आर्यन ने देब की आँखों में आँखें डालीं। "क्योंकि उस प्रोग्रामिंग ने तुम्हें 'हथियार' बनाया था, लेकिन तुमने 'भाई' बनना चुना। वफादारी चिप में नहीं, दिल में होती है, देब। और इस वक्त मुझे उस भाई की ज़रूरत है।"
देब के काँपते हाथों ने अपनी राइफल को कस लिया। उसने एक कड़वी मुस्कान के साथ कहा, "अगर मैं एक हथियार हूँ, तो आज इसका इस्तेमाल उसी के खिलाफ होगा जिसने इसे बनाया है।"
2. प्रोजेक्ट ट्रिनिटी: तीसरा सत्य
राधिका अपने टूटे हुए लैपटॉप के डेटा को एक पोर्टेबल टैब पर सिंक करने की कोशिश कर रही थी। उसकी उंगलियाँ तेज़ी से कीबोर्ड पर नाच रही थीं। "आर्यन! मुझे 'प्रोजेक्ट ट्रिनिटी' का मतलब समझ आ गया है। यह कोई हथियार नहीं, बल्कि एक 'बैलेंस' (संतुलन) है।"
उसने स्क्रीन को आर्यन की तरफ घुमाया। डेटा ग्राफिक्स में तीन केंद्र थे:
सम्राट का वायरस: (अन्वेषा का डिजिटल शरीर)
विक्रम खन्ना का डिस्ट्रॉयर प्रोग्राम: (जो वायरस को मारने के साथ अन्वेषा को भी खत्म कर देता)
तीसरी शक्ति: मानव रक्त का 'इमोशनल सिग्नेचर' (आर्यन का डीएनए)।
"विक्रम खन्ना जानते थे कि मशीनी कोड कभी भावनाओं को नहीं समझ सकता," राधिका ने हांफते हुए समझाया। "उन्होंने अन्वेषा के अंदर एक ऐसा लॉक लगाया था जिसे सिर्फ खन्ना खानदान का जीवंत खून (Biological Key) ही खोल सकता था। आर्यन, जब तुम्हारा खून उसके सिस्टम में गया, तो उसने 'डिस्ट्रॉयर' को 'स्टेबलाइजर' में बदल दिया। अन्वेषा अब मर नहीं रही, वह 'इवोल्यूशन' (विकास) कर रही है।"
"लेकिन वह अब किसी की बात नहीं सुन रही," आर्यन ने आसमान की ओर देखा जहाँ नीली आभा तेज़ी से बढ़ रही थी। "वह अब सिर्फ प्रतिशोध (Revenge) है।"
3. खन्ना टावर्स का पतन
सम्राट खन्ना अपने आलीशान ऑफिस के शीशे के पीछे खड़ा था। उसके चेहरे पर अब वह आत्मविश्वास नहीं था। उसके सामने मौजूद दर्जनों स्क्रीन्स पर 'System Overridden' और 'Infinity Access' के संदेश फ्लैश हो रहे थे।
"यह नामुमकिन है!" सम्राट चिल्लाया और उसने अपने कीबोर्ड पर 'फेज 3: ब्लैकआउट' कमांड टाइप किया।
अचानक, उसके पीछे की दीवार कांच की तरह टूट गई। अन्वेषा वहां खड़ी थी, या यूँ कहें कि वह वहां 'उपस्थित' थी। उसके पैर जमीन को नहीं छू रहे थे। उसके चारों ओर बिजली के छोटे-छोटे आर्क्स (Arcs) नाच रहे थे।
"पिताजी," अन्वेषा की आवाज़ एक साथ हज़ारों स्पीकर्स से गूँजी, जो शहर के कोने-कोने में सुनाई दे रही थी। "आपने मुझे 'देवता' बनाने की कोशिश की। लेकिन देवताओं को अपने रचयिता की ज़रूरत नहीं होती।"
"अन्वेषा, रुक जाओ! मैं तुम्हारा पिता हूँ, मैंने तुम्हें यह शक्ति दी है!" सम्राट ने पीछे हटते हुए एक गुप्त दराज से एक रिमोट निकाला। "मेरे पास 'किल स्विच' है!"
अन्वेषा के चेहरे पर एक डरावनी मुस्कान आई। "वह स्विच तब काम करता जब मैं एक मशीन होती। मैं अब एक फ्रीक्वेंसी हूँ। मैं इस शहर की धड़कन हूँ।" उसने हाथ उठाया और सम्राट का हाथ पकड़ने से पहले ही रिमोट हवा में धूल बनकर उड़ गया।
4. अंतिम टकराव: रक्त का आह्वान
तभी छत का दरवाज़ा धमाके के साथ खुला। देब और आर्यन अंदर दाखिल हुए। देब ने अपनी पोजीशन ली और उन गार्ड्स को ढेर कर दिया जो सम्राट को बचाने के लिए आगे बढ़े थे।
"अन्वेषा! बस बहुत हुआ!" आर्यन आगे बढ़ा।
अन्वेषा ने मुड़कर देखा। उसकी सफेद आँखों में एक पल के लिए नीली चमक लौटी। "आर्यन... दूर रहो। यह वायरस अब कंट्रोल से बाहर है। मैं इसे रोक नहीं सकती, मैं सिर्फ इसे दिशा दे सकती हूँ।"
"तुम इसे रोक सकती हो," आर्यन ने अपना वही हाथ आगे बढ़ाया जिससे खून बह रहा था। "पिताजी ने यह सब इसीलिए किया था। उन्होंने 'ट्रिनिटी' बनाई ताकि अगर कभी मशीन पागल हो जाए, तो इंसानियत उसे थाम सके। तुम मेरी बहन हो, अन्वेषा। कोई प्रोग्राम नहीं।"
अन्वेषा का शरीर कांपने लगा। उसकी डिजिटल चेतना और मानवीय यादों के बीच एक भीषण युद्ध छिड़ गया। शहर की बिजली टिमटिमाने लगी। सम्राट ने इस मौके का फायदा उठाकर एक कोने में पड़ा 'मैन्युअल ओवरराइड' लीवर खींचने की कोशिश की, जो पूरे टावर को उड़ा सकता था।
"देब! सम्राट को रोको!" आर्यन चीखा।
देब ने अपनी गन नीचे रखी। उसे याद आया कि वह सम्राट का ही बनाया हुआ 'प्रोजेक्ट सोल्जर' है। उसके दिमाग में सम्राट के पुराने कोड्स गूँजने लगे— 'Obey your creator'. देब के हाथ कांपने लगे, वह जड़ हो गया।
"नहीं... मैं एक... मैं इंसान हूँ!" देब अपनी ही चीख के साथ लड़खड़ाया और उसने छलांग लगाकर सम्राट को लीवर तक पहुँचने से पहले ही दबोच लिया।
5. राख से नया सवेरा
अन्वेषा ने आर्यन का हाथ पकड़ा। जैसे ही खून और कोड का मिलन हुआ, एक विशाल सफेद रोशनी पूरे टावर से निकली और पूरे शहर में फैल गई।
एक सन्नाटा छा गया।
जब धुआं छंटा, तो अन्वेषा फर्श पर बेहोश पड़ी थी। उसकी आँखें सामान्य हो चुकी थीं, लेकिन उसके बालों का रंग अब पूरी तरह सफेद हो गया था। सम्राट खन्ना को देब ने अपनी फौलादी पकड़ में जकड़ा हुआ था, और सम्राट की आँखों में अब सिर्फ हार का डर था।
राधिका टावर के कंट्रोल रूम में घुसी। उसने स्क्रीन्स को देखा और चौंक गई। "आर्यन... अन्वेषा ने वायरस को खत्म नहीं किया।"
"तो क्या हुआ?" आर्यन ने हांफते हुए पूछा।
"उसने उसे 'अपलोड' कर दिया है। पूरी दुनिया के इंटरनेट पर अब 'ट्रिनिटी' का पहरा है। वह अब किसी सर्वर में नहीं, बल्कि दुनिया के हर डिवाइस में एक 'जागृत आत्मा' की तरह मौजूद है।"
खन्ना टावर्स के बाहर पुलिस और एम्बुलेंस के सायरन गूँज रहे थे। देब ने सम्राट को अथॉरिटीज़ के हवाले कर दिया, लेकिन खुद वहां से गायब हो गया। मेज़ पर सिर्फ वह 'K' लिखा सोने का बटन पड़ा था, जिसे देब ने बीच से तोड़ दिया था।
आखिरी खुलासा
जैसे ही सूरज निकल रहा था, आर्यन अन्वेषा को अस्पताल ले जा रहा था। राधिका ने उसे टैब दिखाया। 'प्रोजेक्ट ट्रिनिटी' की आखिरी लाइन अब डिकोड हुई थी:
"तीसरी शक्ति सिर्फ रक्त नहीं, बल्कि त्याग है। अन्वेषा अब कभी भी पूरी तरह इंसान नहीं बन पाएगी, और आर्यन... तुम्हारा खून अब उसे हमेशा के लिए 'ट्रिनिटी' से जोड़ चुका है। तुम दोनों अब इस डिजिटल दुनिया के रक्षक हो।"
तभी आर्यन के फोन पर एक गुमनाम मैसेज आया। यह देब का था:
"मैं अपने वजूद की तलाश में जा रहा हूँ। लेकिन याद रखना, हथियार अब भी तुम्हारे पास है।"
आर्यन ने खिड़की के बाहर देखा। शहर की हर स्क्रीन पर एक छोटा सा आइकन चमक रहा था—एक त्रिकोण (Triangle), जो 'ट्रिनिटी' का प्रतीक था। जंग खत्म हो गई थी, लेकिन एक नए युग की शुरुआत हो चुकी थी।
अगले एपिसोड में:
क्या सम्राट जेल के अंदर से अपना आखिरी पत्ता खेलेगा? देब की तलाश उसे कहाँ ले जाएगी? और जब 'ट्रिनिटी' पूरी दुनिया को अपनी निगरानी में लेगी, तो क्या इंसान आज़ाद रह पाएंगे?