एपिसोड: 'विरासत का विष और अदृश्य शत्रु'
खन्ना मेंशन की सुबह आज पहले जैसी नहीं थी। खिड़कियों से आती धूप अब सुनहरी नहीं, बल्कि किसी चुभते हुए सच की तरह लग रही थी। ड्राइंग रूम के बड़े सोफे पर अन्वेषा बैठी थी—वही लड़की जिसे आर्यन ने कल रात मौत के मुँह से निकाला था। वह डरी हुई थी, उसकी आँखें बार-बार दरवाज़े की ओर उठतीं जैसे उसे अब भी किसी के आने का डर हो।
आर्यन उसके पास बैठा था, उसका हाथ थामे हुए। राधिका दूर खड़ी इस दृश्य को देख रही थी। उसकी आँखों में संतोष तो था कि एक मासूम की जान बच गई, लेकिन उसके दिमाग में 'फेज 2' की वह फाइल घूम रही थी।
1. अन्वेषा की कहानी: एक खौफनाक बचपन
"अन्वेषा, डरो मत। अब तुम सुरक्षित हो," आर्यन ने नरमी से कहा।
अन्वेषा ने धीमी आवाज़ में बोलना शुरू किया, "भाई... मुझे बचपन की धुंधली यादें हैं। पापा मुझे अक्सर एक अंधेरे बंगले में मिलने आते थे। वो मुझसे कहते थे कि दुनिया को तुम्हारे बारे में पता चला तो तुम्हारी जान को खतरा हो जाएगा। मुझे कभी स्कूल नहीं भेजा गया, बस घर पर ही पढ़ाया गया। फिर एक दिन पापा आना बंद हो गए। कुछ नकाबपोश लोग आए और मुझे उस खदान में ले गए। वहां डॉ. वरदान मुझे रोज़ एक इंजेक्शन देते थे और कहते थे कि मेरा खून 'प्रोजेक्ट फीनिक्स' की चाबी है।"
आर्यन के चेहरे पर गुस्सा साफ था। "मेरे पिता ने तुम्हें छिपाकर रखा? लेकिन क्यों? क्या मैं इतना कमज़ोर था कि अपनी बहन की रक्षा नहीं कर सकता था?"
देब, जो अब तक खामोश था, आगे आया। "साहब, शायद बात रक्षा की नहीं, बल्कि उस 'जेनेटिक कोड' की थी जो आपके पिता ने प्रोजेक्ट फीनिक्स में इस्तेमाल किया था। मुझे लगता है कि अन्वेषा के डीएनए में कुछ ऐसा है जो उस क्लीन एनर्जी फॉर्मूले को स्टेबल (स्थिर) बनाता है। इसी वजह से डॉ. वरदान उसे ज़िंदा रखे हुए थे।"
2. कॉर्पोरेट गलियारों में नई हलचल
अभी घर का माहौल शांत भी नहीं हुआ था कि राधिका के फोन पर एक के बाद एक कई नोटिफिकेशन आने लगे। उसने स्क्रीन देखी और उसका चेहरा पीला पड़ गया।
"आर्यन, देखो यह!" राधिका ने टैबलेट मेज़ पर रखा।
न्यूज़ चैनल्स पर हेडलाइन चल रही थी: "खन्ना एंटरप्राइजेज का काला चेहरा: क्या प्रोजेक्ट फीनिक्स एक जैविक हथियार (Biological Weapon) है?"
सोशल मीडिया पर लीक हुए कुछ दस्तावेज़ वायरल हो रहे थे, जिनमें दावा किया गया था कि आर्यन के पिता ने इस प्रोजेक्ट के बहाने इंसानी परीक्षण (Human Trials) किए थे। यह साज़िश इतनी गहरी थी कि रातों-रात कंपनी की साख मिट्टी में मिल गई। निवेशकों ने अपना पैसा निकालना शुरू कर दिया था और पुलिस की एक टीम मेंशन की ओर रवाना हो चुकी थी।
"यह झूठ है!" आर्यन चिल्लाया। "मेरे पिता एक दूरदर्शी थे, अपराधी नहीं!"
"झूठ या सच, आर्यन... लेकिन यह हमला बहुत सुनियोजित है," राधिका ने संभलते हुए कहा। "यह 'फेज 2' की शुरुआत है। कोई हमें सड़कों पर लाना चाहता है।"
3. देब का मिशन: 'अस्पताल का रहस्य'
देब ने आर्यन को एक तरफ बुलाया। "साहब, पुलिस यहाँ पहुँचती ही होगी। आप और राधिका मैडम अन्वेषा को लेकर हमारे गुप्त सेफ-हाउस में शिफ्ट हो जाइये। मैं उस अस्पताल जा रहा हूँ जहाँ आभ्या को देखा गया है। वह लड़की भले ही नकली बहन बनकर आई थी, लेकिन वह 'फेज 2' के मास्टरमाइंड का एकमात्र सुराग है।"
देब अपनी काली बाइक पर सवार होकर शहर के सबसे पुराने और बदनाम इलाके 'ब्लैकवुड्स' की ओर निकल गया। वहां एक प्राइवेट क्लीनिक था जो कागज़ों पर मौजूद ही नहीं था।
जैसे ही देब क्लीनिक के अंदर घुसा, उसे गोलियों की आवाज़ सुनाई दी। वहां पहले से ही कोई हमला कर चुका था। वार्ड नंबर ४०२ का दरवाज़ा खुला था। अंदर आभ्या ज़मीन पर पड़ी थी, वह खून से लथपथ थी। उसके पास वही 'फेज 2' की फाइल पड़ी थी।
देब उसके पास पहुँचा और उसका सिर अपनी गोद में रखा। "आभ्या! किसने किया यह?"
आभ्या ने मुश्किल से अपनी आँखें खोलीं। उसने कांपते हाथों से देब की शर्ट पकड़ी। "देब... वह... वह कोई बाहरी नहीं है। वह... वह घर के अंदर ही है। 'सम्राट'..."
"कौन सम्राट?" देब ने पूछा, लेकिन आभ्या की सांसें थम चुकी थीं। उसकी मुट्ठी में एक छोटा सा सोने का बटन था, जिस पर 'K' लिखा था। देब की आँखें फैल गईं—यह बटन खन्ना परिवार के उन खास कोटों का था जो केवल खास मौकों पर पहने जाते थे।
4. सेफ-हाउस में नया खुलासा
आर्यन, राधिका और अन्वेषा शहर से दूर एक पहाड़ी बंगले में थे। वहां सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम थे। अन्वेषा सो रही थी, जबकि आर्यन और राधिका पुराने रिकॉर्ड्स खंगाल रहे थे।
"राधिका, अगर आभ्या सही थी कि मेरे पिता ने किसी का हक छीना था, तो वह इंसान आज भी ज़िंदा हो सकता है," आर्यन ने हताशा में कहा।
तभी राधिका को अलमारी के पीछे एक छुपा हुआ दराज़ मिला। उसमें एक पुरानी वसीयत थी, जो सिंघानिया या रणवीर की नहीं थी। वह वसीयत थी 'सम्राट खन्ना' के नाम।
"आर्यन... सम्राट खन्ना तुम्हारे पिता के सबसे छोटे और सगे भाई थे, जिन्हें बचपन में ही एक एक्सीडेंट में मरा हुआ घोषित कर दिया गया था," राधिका ने पढ़ते हुए कहा। "लेकिन यहाँ लिखा है कि उन्हें मरा हुआ 'बनाया' गया था क्योंकि वह विक्षिप्त (Mentally Unstable) थे।"
आर्यन को अचानक याद आया—बचपन में एक कमरा हमेशा बंद रहता था, जहाँ से अक्सर रोने या चिल्लाने की आवाज़ें आती थीं। उसे बताया गया था कि वहां पुरानी मशीनें रखी हैं।
5. अंत या नई जंग का आगाज़?
रात के दो बज रहे थे। सेफ-हाउस की लाइटें अचानक बंद हो गईं। देब वहां पहुँच चुका था, उसके हाथ में वह सोने का बटन था।
"साहब! यहाँ से निकलिए! सम्राट ज़िंदा है और वह यहीं है!" देब चिल्लाया।
तभी अंधेरे में एक परछाईं उभरी। एक लंबा, गठीला बदन और चेहरे पर एक अजीब सी शांति। उसके हाथ में एक रिमोट था।
"नमस्कार, आर्यन। मैं तुम्हारा सगा चाचा, सम्राट खन्ना," उस आदमी की आवाज़ में एक अजीब सी खनक थी। "तुम्हारे पिता ने मुझे सालों तक कालकोठरी में सड़ाया ताकि वह मेरी बुद्धिमत्ता का इस्तेमाल 'प्रोजेक्ट फीनिक्स' के लिए कर सकें। उन्होंने दुनिया को बताया कि मैं मर गया, और खुद मसीहा बन गए। आज मैं अपनी विरासत वापस लेने आया हूँ।"
सम्राट ने अन्वेषा की ओर इशारा किया। "और यह लड़की... यह तुम्हारी बहन नहीं है, आर्यन। यह मेरा 'प्रोटोटाइप' है। इसके अंदर जो चिप लगी है, वह प्रोजेक्ट फीनिक्स का असली कंट्रोल यूनिट है। और अब, मैं इसे एक्टिवेट करने वाला हूँ।"
सम्राट ने रिमोट का बटन दबाया। अन्वेषा की आँखें अचानक नीली हो गईं और वह एक मशीन की तरह खड़ी हो गई। उसकी आवाज़ अब किसी इंसान की नहीं, बल्कि एक कंप्यूटर की लग रही थी।
"फेज 2... लोडिंग... टारगेट: खन्ना मेंशन विनाश।"
आर्यन, राधिका और देब सन्न रह गए। दुश्मन अब कोई बाहरी माफिया नहीं था, बल्कि उनके अपने परिवार का एक ऐसा हिस्सा था जिसे इ
तिहास के पन्नों से मिटा दिया गया था।