Adhuri Kitaab - 62 in Hindi Horror Stories by kajal jha books and stories PDF | अधुरी खिताब - 62

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अधुरी खिताब - 62

✨ एपिसोड 62 — “दिल की दस्तकें और अनकहे डर” ✨



सुबह हल्की धूप खिड़की पर फैल चुकी थी।
पर रिया की आंखों में रात का जहर अभी भी बाकी था—
उलझन, डर, बेचैनी… और कहीं गहरे छुपी एक टीस, जिसका नाम वह खुद नहीं जानती थी।

वह आईने के सामने खड़ी थी, पर उसे अपना ही चेहरा अजनबी लग रहा था।

“मैं अयान को क्यों समझ नहीं पाती… और खुद को भी?”
उसने आईने में खुद से पूछा।

धीरे-धीरे वह कॉलेज की तरफ निकली—
लेकिन कदम उस रास्ते पर जाने से डर रहे थे जहाँ अयान का सामना होना तय था।


---

🌤 कॉलेज का कोना — जहाँ धड़कनें तेज़ थीं

जैसे ही रिया कैंपस में दाखिल हुई, उसे अहसास हो गया कि अयान आस-पास है।
पता नहीं कैसे… पर उसकी मौजूदगी वह महसूस कर लेती थी।
जैसे हवा में उसकी सांसें तैर रही हों।

और सच में—
अयान थोड़ी दूरी पर खड़ा उसे देख रहा था।

आज उसकी आँखों में न गुस्सा था, न तीखापन…
बस एक शांति, जैसे रात भर लड़कर उसने खुद को संभाल लिया हो।

वह धीरे से उसके सामने आया—

“रिया… बात कर सकती हो?”

रिया कुछ पल चुप रही।
कल रात के शब्द, अयान की आँखों की बेचैनी… सब उसे अंदर तक हिला गए थे।

“बस पाँच मिनट?”
अयान की आवाज़ में विनती थी, पर अहंकार नहीं।

रिया ने हल्के से सिर हिलाया और दोनों कैंपस के पीछे वाले शांत रास्ते पर जा खड़े हुए।


---

💫 अयान का सच — जिसे सुनकर रिया थम गई

अयान ने गहरी सांस ली।

“रिया… मैं कल ओवररिएक्ट कर गया था।
निशांत से यूँ लड़ना नहीं चाहिए था।
लेकिन तुम्हें किसी और के साथ देखकर…
मुझे अच्छा नहीं लगा।”

रिया ने नजरें चुरा लीं।

“अयान… दुनिया ऐसे नहीं चलती।”

अयान ने हल्की मुस्कान दी।

“तो फिर कैसे चलती है?
क्या कोई इंसान अपनी फीलिंग्स पर कंट्रोल रख सकता है?”

रिया कुछ बोल ही नहीं पाई।

अयान धीरे से आगे बढ़ा—
लेकिन इस बार उसने रिया को छूने की कोशिश नहीं की।

“मैं तुमपर दबाव नहीं डालना चाहता।
ना ही तुम्हें डराना चाहता हूँ…
बस एक सच बताना है।”

रिया ने उसकी ओर देखा।

“तुम मेरी सोच से ज्यादा हो गई हो…
और जितना मैं दूर रहने की कोशिश करता हूँ,
उतना ही तुम्हारे पास खिंचता चला जाता हूँ।”

रीया का दिल जोर से धड़का।

उसने फिर कहा—

“और अगर तुम चाहो…
तो मैं तुम्हारी जिंदगी से हमेशा के लिए गायब हो जाऊँगा।”

ये सुनकर रिया हिल गई।
उसके अंदर जैसे कुछ टूट गया।


---

💥 रिया का खुलासा — उसका डर आखिर क्या था?

रिया ने पहली बार अयान के सामने अपना सच खोला।

“अयान… तुम्हारे लिए ये सब शायद नया है…
पर मेरे लिए नहीं।”

अयान ने भौंहें चढ़ाईं।

रिया की आंखें नम होने लगीं—

“मैं किसी को फिर खोना नहीं चाहती…
फिर किसी के लिए टूटना नहीं चाहती…
इसलिए तुमसे दूर रहती हूँ।”

अयान उसके शब्दों पर जम गया।
जैसे दुनिया रुक गई हो।

“तुम्हें लगा कि मैं भी किसी दिन तुम्हें छोड़ दूँगा?”

रिया ने धीमे से सिर हिलाया।

“हाँ… और मैं उस दर्द से फिर नहीं गुजर सकती।”

अयान को पहली बार समझ आया—
कि रिया दूर क्यों भागती है।
क्यों हर बार वह दिल के दरवाज़ों को बंद कर लेती है।


---

⚡ अयान की कसम — जिसकी गूंज पूरे दिल में उतरी

अयान उसके करीब आया—
लेकिन अभी भी दूरी बनाए रखी।

“रिया… तुम जो भी हो…
जितनी टूटी, जितनी डरी हुई…
मुझे सब मंजूर है।”

रिया ने पलकें झपकाईं।
गाल पर एक आँसू लुढ़क गया।

अयान ने गहरी, दर्दभरी आवाज़ में कहा—

“मैं तुम्हें अधूरा नहीं रहने दूँगा…
ये मैं खुद से वादा करके खड़ा हूँ।”

रीया इस बार पीछे नहीं हटी।
उसने अयान से नज़रें नहीं चुराईं।

“पर अगर कभी… तुमने भी मुझे छोड़ दिया तो?”

अयान ने हल्की हंसी हँसी—
वह हंसी जिसमें सुकून भी था और तड़प भी।

“तो तुम खुद मुझे पकड़कर वापस खींच लेना।”

रिया मुस्कुरा दी…
बहुत हल्की, लेकिन दिल को छू लेने वाली मुस्कान।


---

💥 लेकिन तभी — तूफान वापस आता है

इसी पल—
पीछे कदमों की आवाज़ आई।

दोनों ने मुड़कर देखा।

निशांत खड़ा था।
उसके चेहरे पर गुस्सा साफ़ झलक रहा था।

“रिया… तुम्हें इससे दूर रहना चाहिए था।”
उसने अयान की तरफ इशारा किया।

अयान की आँखें सख़्त पड़ गईं।

“देखो निशांत—”

“तुम चुप रहो!”
निशांत ने कड़क आवाज़ में कहा।

रिया आगे बढ़ी—

“निशांत… प्लीज…”

निशांत ने दर्द भरी आवाज़ में कहा—

“मैंने तुम्हारे लिए कभी कुछ नहीं माँगा…
बस ये कि तुम किसी परेशानी में मत पड़ो।
और ये लड़का… परेशानी ही है।”

अयान का खून खौलने लगा।

“मेरे बारे में इतना पता है तो बता दो, मैं क्या हूँ?”

निशांत ने तीखे स्वर में कहा—

“तुम मुसीबत हो।
और रिया अभी तुम्हारी दुनिया का हिस्सा बनने के लिए तैयार नहीं है।”

रिया बीच में आई।
उसकी आवाज़ काफ़ी सख़्त हो चुकी थी।

“निशांत… मैं बच्ची नहीं हूँ।”

निशांत ठिठक गया।

“मैं अपना फैसला खुद ले सकती हूँ।”

अयान की आँखों में गहरी चमक उभरी—
जैसे रिया ने उसकी तरफ़ एक कदम नहीं,
बल्कि पूरा दिल बढ़ा दिया हो।


---

✨ रिया का फैसला — जो कहानी बदल देगा

रिया ने दोनों की तरफ देखा।
फिर धीमे, मगर साफ़ शब्दों में बोली—

“निशांत… अयान परेशानी नहीं है।
परेशानी मेरे डर हैं… जिनसे मैं अब भागना नहीं चाहती।”

निशांत कुछ बोलना चाहता था,
पर रिया की आँखों में पहली बार दृढ़ता देख वह चुप हो गया।

अयान धीरे से मुस्कुराया—
ऐसी मुस्कान जो दिल की दीवारें पिघला दे।


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🌙 रात — जब रिया ने पहली बार महसूस किया कि वह बदल रही है

घर लौटकर रिया ने डायरी खोली।

आज उसने लिखा—

“मैं डरती हूँ…
पर शायद पहली बार…
किसी पर भरोसा करने की कोशिश कर रही हूँ।”

दूसरी ओर—
अयान छत पर बैठा सोच रहा था—

“ये तो बस शुरुआत है…
मैं रिया का डर भी तोड़ूँगा…
और उसकी अधूरी खिताब को पूरा भी करूँगा।”

कहानी अब एक नए मोड़ पर थी—
जहाँ रिया का डर कम हो रहा था,
और अयान की चाहत और गहरी।


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