Three best forever - 64 in Hindi Comedy stories by Kaju books and stories PDF | थ्री बेस्ट फॉरेवर - 64

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थ्री बेस्ट फॉरेवर - 64

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( >💜💜💜 ओए होए बल्ले बल्ले ओए शाबा शावा 🥳🤩🤩🤩 लास्ट ep में आप सबका दिलो ए जान से wlcm करता है आपका ये आशिक बंकू 😘

और लास्ट तक मेरी बक बक सुनने के लिए भी थैंक्यू थैंक्यू थैंक्यू 🤪😁 अब पढ़ लो आगे।

"तू अपना सड़ा मुंह बंद रख और ये बता कही,, म,,मम्मी पापा को पता तो नही चल गया?" राहुल घबराते हुए कहा। अब आगे,,,

धनेशी उसे शैतानी स्माइल कर देखने लगी। जो राहुल को और डरा गया।

धनेशी बोली "सबसे पहले उन्हें ही पता चलता अगर उन्हें स्मार्ट फोन की समझ होती तो" 

"थैंक गॉड,,फिर मैं सेफ हु" राहुल राहत की सास लेते हुए बोला ।

लेकिन धनेशी उसके राहत को आहत में बदलते 
हुए बोली "No ना नेवर,, इस गलत फेमी में मत रहना की मम्मी पापा को पता नहीं चलेगा" 

उसकी बात सुन राहुल चालाक लोमड़ी की तरह हस्ते हुए बोला "Ooh,, अच्छा तो तू बताएगी उन्हे ? ठीक है बता दें लेकिन याद रखना तेरा किया कांड भी मेरे पास सेव है" 

तो धनेशी भी कुछ कम नहीं थी।
घमंड से चूर बोली "ना भाई ना,,मै अभी कहा था न ज्यादा उड़ो मत,, आखिर कितनी बार गिरोगे?" 

राहुल नासमझी से "क्या मतलब है तेरा?" 

"दूसरो को बेवकूफ बनाते फिरते हो और आज खुद ही बेवकूफ बन रहे wow भाई" धनेशी फिर उसे तंज कसी।

तो राहुल मुट्ठी भींच गुस्सा कंट्रोल करते हुए
दात पिस्ते हुए "साफ साफ बोलेगी या लगाऊं एक खींच के " 

राहुल को जवाब देते हुए धनेशी उसके सिर पर बम ब्लास्ट करते हुए बोली "क्या भाई,, मम्मी पापा नानी के गांव गए है उन्हें फोन की समझ नहीं है इसका मतलब ये नहीं की उन्हे पता नहीं चलेगा,,आपकी ये करतूत जिसने भी पोस्ट के जरिए फैलाई है बहुत शातिर दिमाग का है,,देखो ना कितनी सही पोस्ट बनाई है और सबसे बड़ी बात उसने  इस पोस्ट को सिर्फ इंस्टा पर नहीं बल्कि हर सोशल मीडिया पर वायरल किया है" 

ये सुन कर राहुल का दिमाग सुन्न रह गया। और बेहोश होते होते होते हो ही गया।
(हूं भाड़ मे जाए हमे क्या? जैसा करेगा वैसा भरेगा हमे तो बस इंटरटेनमेंट चाहिए) 

तो जैसा धनेशी ने अंदाजा लगाया था वैसा ही हुआ गांव से वापस लौटते समय उसके मम्मी पापा को उनके बेटे का किया सारा कांड पता चल गया। और उसकी पढ़ाई बंद करके उसकी शादी के लिए लड़की ढूंढने लग गए। लड़की मिल गई तो उसी दिन सगाई और अगले दिन शादी करने का फैसला किया गया।
भले ही ये जबर्दस्ती की शादी थी लेकिन राहुल अब कुछ नहीं कर सकता था। 
इन दिनों उसने काफी कोशिश की थी उस हेंकर को ढूंढने की उसे समझ में आ गया था उसकी इज्जत कचरा उसी हेंकर ने किया है।

उसने सोशल मीडिया का चप्पा चप्पा बहुत छान मारा पर नहीं ढूंढ पाया कैसे ढूंढता सारी फेक id डिलीट जो कर दी थी मस्ती ने

फिर होना क्या था? पड़ा रहा खाली हाथ और कर ही क्या सकता था शिवाय चुप चाप शादी करने के ।

वही अपने मम्मी पापा के कहने पर मनीष उसकी सगाई में गया और मस्ती रियू को भी विडियो कॉल के जरिए सब बताता रहा।
और अभी विडियो कॉल पर उनसे ही कनेक्ट सगाई की बात और अपना दुखड़ा सुना रहा था।

मनीष उतरे मुंह से बोला "क्या यार मम्मी पापा भी कमाल करते हैं दुश्मन की सगाई में जबरदस्ती भेज दिया है,,मतलब मेरी फिलिंगी की कोई कद्र ही नहीं अब शादी में भी जाना पड़ेगा" 

मस्ती मिन्नते करते हुए "अरे मेरा प्यारा बंदर चले जाना ना प्लीज,, मुझे उस कलमूहे की बर्बादी देखनी है क्यू रियू?" 

तो रियु भी बोली "Hm,, मुझे भी मुझे भी" 

लेकिन मनीष मुंह लटकाए मना करते हुए "लेकिन मेरा मन नहीं है यार " 

उसकी बात सुन मस्ती खीजते हुए "अबे तेरा मन मैं भाड़े पर ले रखी हु,, अब चुप चाप चले जाना और हा लिफाफे में दस का नोट बिलकुल मत डालना" 

मनीष हैरानी से "फिर कितने का डालू?" 

"पांच रुपए का" रियू बिच में बोल उठी।

तो मस्ती खिसियानी बिल्ली की तरह
हंसकर बोली "ही ही ही,,,अरे नही यार,, कागज भरके दे देना" 

मनीष हैरानी से "क्या बोल रही पागल?" 

तो मस्ती बेपरवाही से जम्हाई लेकर बोली "सही तो बोल रही,,क्या ही फर्क पड़ता है नोट भी तो कागज ही है और वो कलमुहा इसी लायक है" 

रियू भी मस्ती बात में सहमति जताते हुए बोली "बात तो सौ टके की है बे तूने,, सुन मनु मस्ती जैसा बोली वैसा ही करना समझा वरना,,,"

रियु आगे बोलती की मनु आदेश पालन कर्ता की तरह बोला "बस बस,,समझ गया देवी जी समझ गया धमकाने की कोनो जरुरत नाही है आप दोनों की मर्जी सर आखों पर अब रखता हू,,घर के लिए निकल रहा दम घुट रहा मेरा यहा by by" 

रियू बोली "ठीक है दफा होजा by" और कॉल से कट हो गई।

तो वही मस्ती दात निपोर्ते हुए " दम घुटने से मर मत जाना वही,,जल्दी निकल वहा से बाय बाय टू यू"  

उसकी बात सुन मनीष सर ना में हिला कर फट से कॉल कट कर दिया।

"मरने का पता नहीं लेकिन तुम दोनों की संगती किसी दिन नर्क दर्शन करवा ही देगी मुझे" खुद में बुदबुदाए मनीष चल दिया अपने घर के रास्ते।

दुसरे दिन

राहुल की शादी की तैयारिया काफी जल्द बाजी में हो रही थी। जहा फिर से मणिक जी और मिहीना जी ने जबरदस्ती मनीष को भेज दिया था।

और अब उसे वैसा ही करना था जैसा मस्ती ने करने को कहा था।
उसने अपना चेहरा मास्क में छिपा लिया और जेब से लिफाफा निकाल लिया जिसके अंदर पैसे नहीं सिर्फ कागज के टुकड़े पड़े थे।

उसने फट से लिफाफा दिया और भाग कर किसी कोने में छिप गया जैसे लिफाफे के अंदर कागज नही बॉम फिट करके दिया हो

मनीष लंबी लंबी सास लेते हुए "ये काम तो हो गया अब जल्दी से खाना खा कर निकलता हूं इधर से भी" 

तभी उसे मस्ती और रियू का एक साथ विडियो कॉल आया।
मनीष हैरान हुए बड़बड़ाया "ये दोनो को मुझपर भरोसा नहीं है क्या? देखो कैसे एक साथ कॉल कर रही हैं " 
और कॉल रिसीव किया।

और उनके हाई हेलो होला मोहल्ला बोलने से पहले ही बोला "देखो देवियो तुम्हारे आदेशनुसार कार्य कहू या फिर कांड जो भी समाप्त हो चुका है तो कृपया कर ज्यादा प्रश्न न पूछे,, क्युकी मैं जल्दी यहां से खिसकने की योजना बना रहा हूं" 

"कल्याण हो वत्स,, पकड़े जाओ इससे पहले खिसको उधर से फिर हम मिलते हैं जल्द ही टाटा" मस्ती रियू साथ में बोल कॉल कट कर देते हैं।

दरअसल दो महीने की छुट्टी थी जिसमे से एक महीने की छुट्टी खत्म हो चुकी थी। और मस्ती के कहे अनुसार बचे एक महिना वो तीनों साथ रह कर बिताने वाले थे।

तो बस रियु और मनीष कल वापस लौट रहे थे मस्ती के घर अपनी यारी को नई खुशियों की उड़ान देने जिसमे कोई चौथा न आया और न कभी आएगा । 

इसलिए कहते हैं।

"तीन अजनबियो की पक्की यारी
जिसमे चौथे की न आई और
न कभी आयेगी बारी,,,,

कभी खुशी तो कभी गम की जीतहारी,,,,

छोड़ेंगे कभी न एक दूसरे का साथ
भाड़ में जाए दुनियां दारी,,,,"


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( >💜💜💜 तो मेरे यारों और उनके यारों कैसी लगी मेरी ये "थ्री बेस्ट फॉरेवर " स्टोरी ?

वो कहते हैं न "आधा सच तो आधा फसाना" बिल्कुल वैसी ही है मेरी ये स्टोरी भी 

तो यारो और दिलदारों सीजन 1 अंत यही होता है। लेकिन निराश न हो जल्द ही मिलेंगे।
इंटरटेनमेंट से भरपूर सीजन 2 में जहा हम इन तीनों यारो की बची एक महीने की छुट्टीयो को उनके साथ धूम मचाते हुए इंजॉय करेंगे।

तो अलविदा लेते हुए एक प्यारा सा
💜 पर्पल यू "💜