Ishq da Mara - 76 in Hindi Love Stories by shama parveen books and stories PDF | इश्क दा मारा - 76

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इश्क दा मारा - 76

गीतिका की बुआ जी की बाते सुन कर गीतिका के फूफा जी बोलते हैं, "अरे ये तुम क्या बोल रही हो, एक तो तुम्हारा भाई और भाभी दोनों ही पागल है और अगर उन्हें ये बात पता चल गई तो पता नहीं क्या क्या सोचेंगे कि हमने उनकी एक बेटी नहीं संभाली और वैसे भी वो आ कर क्या कर लेंगे, इसलिए किसी को कुछ बताने की जरूरत नहीं है, पुलिस ढूंढ रही है उसे"।

तब गीतिका की बुआ जी बोलती है, "वो एक लड़की है और अगर उसके साथ कुछ ऐसा वैसा हो गया तो फिर क्या होगा, उसके बाद हम क्या जवाब देंगे उन्हें "।

तब गीतिका की बुआ जी का बड़ा बेटा बोलता है, "मां आप ऐसा क्यों सोच रही हैं गीतिका को कुछ भी नहीं होगा, और पुलिस के साथ साथ यूवी भी उसे ढूंढने में लगा हुआ है "।

सुबह होती है.........

गीतिका आराम से बेड पर सोई रहती है तभी अचानक से उसकी आँख खुलती है और वो देखती है कि वो एक अनजान सी जगह पर होती है और वहां पर कोई भी नहीं होता है। वो ये सब देख कर डर जाती है और जल्दी से उठ जाती है और इधर उधर देखने लगती है कोई भी नहीं होता है। उसके बाद वो रोने लगती है।

उसकी रोने की आवाज सुन कर यूवी वहां पर आता है और उसे गले लगा लेता है और बोलता है, "क्या हुआ बच्चा तुम सो कर कब उठी, और रो क्यों रही हो ???

तब गीतिका बोलती है, "आप कहा गए थे मुझे अकेला छोड़ कर मुझे बहुत डर लग रहा था और मैं यहां पर अकेली थी "।

तब यूवी बोलता है, "मैं कही नहीं गया था तुम्हे छोड़ कर मैं तो तुम्हारे लिए नाश्ता बना रहा था, अब तुम सो कर उठोगी तो क्यो भूखी रहोगी "।

तब गीतिका यूवी को देखने लगती है और बोलती है, "आप मेरे लिए नाश्ता बना रहे हैं, आपको खाना बनाना आता है क्या ????

तब यूवी बोलता है, "तुम्हे मुझ पर शक है क्या ???? पता मैं बहुत ही टेस्टी खाना बनाता हूं ,और अपने बच्चे के लिए तो और ज्यादा टेस्टी "। 

तब गीतिका बोलती है, "मगर मुझे तो खाना बनाना नहीं आता है "।

तब यूवी बोलता है, "कोई बात नहीं मुझे तो आता है ना, मैं बनाऊंगा तुम्हारे लिए खाना, चलो अब जल्दी से उठो और नहा लो और ब्रश कर लो, और देखो मैने तुम्हारे लिए सूट सलवार भी मंगवा दिया है"।

तब गीतिका बोलती है, "आपने ये कहा से मंगवाया ????

तब यूवी बोलता है, "बाकी बाते बाद में पहले नहा लो क्योंकि तुम्हे तुम्हारी बुआ जी के पास भी तो जाना है न "।

ये सुनते ही गीतिका यूवी को कस की पकड़ लेती है और बोलती है, "नहीं नहीं मुझे आपको छोड़ कर कही पर भी नहीं जाना है मुझे आपके पास ही रहना है, यूवी आप मुझ से शादी कर लीजिए न और मुझे हमेशा के लिए अपने पास रख लीजिए "।

तब यूवी बोलता है, "हा मेरा बच्चा मैं भी तुम्हे सब खुद से ज्यादा दूर नहीं रख सकता हूं, मगर पहले जल्दी से नहा लो "।

उसके बाद गीतिका कपड़े ले कर बॉथरूम में चली जाती है।

उधर यश बंटी से बोलता है, "गीतिका अभी भी यूवी के पास ही है, वो उसे घर क्यों नहीं भेज रहा है, उसके घर वाले कितना परेशान हैं"।

तब बंटी बोलता है, "भाई मैने उसे बोला था, मगर आप तो उसे जानते हो न कि वो कैसा है "।

तब यश बोलता है, "पहली बार मोहब्बत हुई है उसे तो ये सब तो होगा ही, और पता नहीं आगे क्या क्या होगा "।

गीतिका नहा कर आ जाती है और यूवी उसे अपने हाथों से नाश्ता करवा रहा होता है।

तब गीतिका बोलती है, "आप सिर्फ मुझे क्यों खिला रहे हैं, आप खुद क्यों नहीं खा रहे हैं, रात में भी आप सिर्फ मुझे ही खिला रहे थे"।

तब यूवी बोलता है, "तुम खालोगी तो मेरा पेट भर जाएगा "।

तब गीतिका अपने हाथों से यूवी को खाना देती है और बोलती है, "आप मुझे खिलाइए और मैं आपको"।

उसके बाद दोनों एक दूसरे को खाना खिलाने लगते हैं।

थोड़ी देर बाद यूवी गीतिका को चलने के लिए बोलता है। तब गीतिका बोलती है, "आप मुझे खुद से अलग क्यों कर रहे हैं, आपके जाने के बाद वो मुझे दोबारा ले जाएगा"।

तब यूवी बोलता है, "बच्चा अब तुम्हे कोई भी नुकसान नहीं पहुंचाएगा और तुम डरो मत मैं हु ना "।

तब गीतिका बोलती है, "मुझे आपके साथ रहना है मुझे कही पर भी नहीं जाना है "।

तब यूवी बोलता है, "बच्चा जिद मत करो न, देखो तुम्हारे घर वाले भी बहुत परेशान हो रहे हैं, एक बार उनसे मिल लो "।

तब गीतिका बोलती है, "उनसे मिलने के बाद क्या आप मुझे दोबारा अपने साथ ले आएंगे ...........