unknown connection - 51 in Hindi Love Stories by Heena katariya books and stories PDF | अनजान रीश्ता - 51

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अनजान रीश्ता - 51

अविनाश वर्क आउट के बाद जिम में अपना प्रोटीन ड्रिंक पी रहा था । और टैबलेट में कुछ देख रहा था । तभी अविनाश का दोस्त रोहन आता है। अविनाश टैबलेट को बंद करते हुए कहता है ।

अविनाश: हेय मेन !! वॉट्स अप !! कहां गायब हो गए थे ना कोई कॉल मेसेज कुछ भी नही ।
रोहन: ( गले लगाते हुए ) अबे भाई क्या ही बताऊं डेड ने बिजनेस ट्रीप पर भेज दिया था । अगर ना गया होता तो मेरे खर्चे उठाने से मना कर दिए । और तो मेरा मोबाइल भी ले लिया था ।
अविनाश: ( जोर जोर से हंसते हुए ) हाहाहाहाहा..... क्या बात है मतलब अब मेरा हरामी दोस्त अब जिम्मेदार इंसान बन गया है ।
रोहन: ( मुंह बिगाड़ते हुए अविनाश को एक मुक्का मारता है ) तुम्हे ये मजाक लग रहा है । यहां मुझे कोई तरीका नहीं मिल रहा जिससे में इस मुसीबत से बाहर आऊ ।
अविनाश: हां तो आज नही तो कल तुम्हे संभालना तो पड़ेगा ही । तो हर्ज ही क्या है ।
रोहन: मुझे नहीं करना ये बिजनेस यार ( सोफे पर बैठते हुए ) ।
अविनाश: ( रोहन के बगल में बैठते हुए ) तो फिर क्या करोगे अब अंकल की भी उमर हो रही है । चिंता करना लाज़मी है आखिरकार बेटे हो तुम उनके ।
रोहन: जानता हूं यार उन्हें मेरी फिक्र है । पर में अभी तैयार नहीं हूं इन सारी जिम्मेदारी के लिए ।
अविनाश: तो बात कर उनसे समझा उन्हे की तुम तैयार हो पर थोड़ा वक्त चाहिए ।
रोहन: अरे यार तुम्हे क्या लगता है मैने बात नहीं की होगी । मैने हर कोशिश कर ली पर वह मेरी बात समझने को तैयार ही नहीं है। यह सब उस शुक्ला अंकल की गलती है । अगर एक बार मिल जाए मै उससे जिंदा नहीं छोडूंगा । हमेशा अपने बेटे की ही तारीफ करते रहते है । उसीने डेड को उल्टी सीधी पट्टी पढ़ाई है।
अविनाश: ( हंसी को रोकते हुए ) अच्छा अगर मान लो मिल गए शुक्ला अंकल तो क्या करोगे ।
रोहन: ( गुस्से में आग बबूला होते हुए ) मार मार के लाल टमाटर जैसा बना दूंगा और फिर दूसरे बॉर्डर भेज दूंगा इलीगल ताकि सड़ता रहे जेल में सारी जिंदगी ।
अविनाश: ( जोर जोर से हंसते हुए ) हाहाहाहाहा ... क्या बात है । प्लान तो एक दम बढ़िया है ।
रोहन: ( गुस्से में अविनाश की ओर देखते हुए ) ।
अविनाश: ( हाथ ऊपर करते हुए ) अच्छा सॉरी सॉरी ... चील कर मेरे शेर । मेरे पास एक आइडिया है ।
रोहन: ( मूड बदलते हुए ) क्या क्या जल्दी बताओ !।
अविनाश यही की आज वैसे भी इन्वेसमेंट को लेकर मेरी मीटिंग है उनके साथ तो क्यो ना मै बात करू उनके साथ।
रोहन: ( खड़े होते हुए ) वाउ यार ये बात मेरे दिमाग में क्यो नही आईं। और डेड तुम्हारी बात कभी टाल ही नहीं सकते । मतलब थैंक्यू मेन । मुश्किल आसान ही कर दी ।
अविनाश: हां तो ऐसे ही नहीं कहते मुझे अविनाश खन्ना।
रोहन: ओय बस बस अब ज्यादा इतराओ मत और चार बजे मिलते है ।
अविनाश: चार बजे क्यों!?।
रोहन: वह तभी पता चलेगा फिलहाल बाय और हां नहालो काफी बदबू आ रही है । ( दरवाजे की ऑर जाते हुए ) बाय ।
अविनाश: ( मुस्कुराते हुए ) देख लो अभी मैने बात नहीं की तुम्हारे डेड के साथ ।
रोहन: अच्छा सॉरी काफी अच्छी स्मेल आ रही हैं परफ्यूम की ! अब बाय मिलते है फिर ।
अविनाश: ( हंसते हुए ) हाहाहाह बाय इडियट ।

अविनाश फ्रेश होकर तैयार हो रहा था । वह अपने बाल सवार रहा था की तभी विशी आता है । अविनाश आईने में से विशी की ओर देखते हुए कहता है ।

अविनाश: सो काम हो गया।
विशी: ऑल डन।
अविनाश: ( मुस्कुराते हुए )। फिर ठीक है । और शादी का जोड़ा!!?। वह ले लिया ।
विशी: यस उन लोगो ने वही जोड़ा लिया है जो तुमने पसंद किया था ।
अविनाश: ( घड़ी पहनते हुए ) नोट बेड !! जैसा सोचा है वैसा ही चल रहा है।
विशी: बट अवि आर यू श्योर तुम जो कर रहे हो वह सही है ।
अविनाश: तुम्हे लगता है में कभी कोई ऐसा काम करूंगा जिसके लिए में श्योर ना हूं ।
विशी: ( सिर को ना में हिलाते हुए ) ।
अविनाश: तो फिर बस चिंता छोड़ो और आगे आगे देखो होता है क्या !!? ।
विशी: पर अवि!!।
अविनाश: ( बात को काटते हुए ) विशी गाड़ी निकलवाने के लिए कहो । मुझे काम पे लेट जाना पसंद नही है ।
विशी: ( ना चाहते हुए भी हा में जवाब देते हुए वहा से चला जाता है !) ।

अविनाश मुस्कुराते हुए अपने टैबलेट को चालू करते हुए पारुल और सेम का वीडियो देख रहा होता है । वह मानो जैसे उसकी आंखे लावा उगल रही थी । पारुल को इस शादी के जोड़े में ही देखे जा रहा था । अविनाश मुस्कुराते हुए किसी को कॉल करते हुए कहता है ।

" हैलो जी शादी में कोई कमी नही रहनी चाहिए ऐसी तैयारी करे की सारी दुनिया याद रखे की क्या शादी थी । जी बिलकुल बहुत ही खास इंसान है जिनकी शादी हो रही है तो मेरी दिलचस्पी जायज है । बिल्कुल पैसे की चिंता मत करिए बस तैयारी एक दम शानदार होनी चाहिए जी।"

अविनाश कॉल काटते हुए मुस्कुराते हुए पारुल की तस्वीर देख रहा था । ओह परी!!! ऊपस पारो!! पारो!!! पारुल या फिर प्रिंसेस !!! किस नाम से पुकारू तुम्हे । कितनी खुशी मिल रही है ना तुम्हे अभी । तुम्हे खुश देखकर मुझे भी खुशी मिल रही है पर टू बेड ये खुशी कुछ ही पल के लिए है । आगे तो कांटे ही कांटे है तुम्हारी लाइफ में । और डोंट वरी शादी का गिफ्ट तो मेरा ही बेस्ट होगा आखिकार बेस्ट फ्रेंड हूं तुम्हारा । तुम मेरे बारे में इतना सोचती हो तो मेरा भी फर्ज बनता है की मेरी बेस्ट फ्रेंड को खास तोहफा दू। बस इंतजार कर लो थोड़ा और । बाय द वे विश यू हैप्पी मैरिज लाइफ इन एडवांस !!! हाहाहाहाहा ओह सॉरी आई अविनाश खन्ना ऊर्फ ak विश यू वेरी सेड अनसक्सेफुल एंड हार्ड लाइफ अहेड माय स्विटेस्ट बेस्ट फ्रेंड। डोंट वरी मै तुम्हारी शादी को तुम्हारे लिए फांसी का फंदा बनाने में कोई कमी नही छोडूंगा ये मेरा वादा है । तुम्हारे गोलू का अपनी परी से पक्का वाला वादा हमम .. ( मासूम शकल बनाते हुए ) चलो अब मुझे जाना है काम के लिए तो कुछ ही समय में मुलाकात होगी। ख्याल रखना अपना ठीक है । इसी के साथ अविनाश फोन बंद करते हुए घर से बाहर शूटिंग की लोकेशन की ओर जाने के लिए कार में बैठते हुए विशी से शेड्यूल के लिए बात करते हुए काम में व्यस्त हो जाता है ।