तुम महारानी हो इस जहां की
कविता
इतना ना सोचो
जरा थम कर सांस लो
धरती और आसमान तेरे लिए है
ऐ चारों जहां तेरे खिदमत के लिए बने हैं
इतना ना सोचो जरा थम कर शगुन के सांस ले
ऐ धरती आसमान तेरे लिए है
ऐ चारों जहां तेरे खिदमत के लिए बने हैं
फिर रिग्रेट किस बात का
वक्त बीते तो बीते
वक्त की कारवां तुम्हारे लिए ठहर जाते हैं
तुम जहां आह भर्ती हो
वही तो सवेरा है
तुम जहां से मुड़ती है
वही तो अंधेरा है
वक्त की कारवां तुम्हारे कदमों तले हैं
फिर क्यों सोचना सांस जाय है
जाया जा रहा है
तो जाने दे इस सांसों का क्या है
फिर नहीं उम्र मिलेंगे नहीं नई ऐ कारवा है
तुम्हारे ही जरूर से बनी ये जहां है
फिर क्यों आह भरना
फिर क्यों पछताना है
जो करना है
खुल जा और कर ले
जो चाहे अपने मन मे वो कर
ऐ ब्रह्मांड है चलता तुम्हारे इशारों पर
तुम शौर्य से भर जा जरा और
तुम जो चाहे वह कर सकती हो
तुम आसमां तक सीरिया लगा सकती हो
तुम्हारी जिंदगी की हर मुश्किल कारवा
आसान तुम बन सकती हो
सरगम को कहे दे वो ठहेर
अपनी आंखें से रहा को निहार
तुम्हें क्या लगता है
ऐ रहा उलझी है
आलसी है
तो क्या तुम कहां से उलझी हो
तुम्हारे लिए ऐ जहां ऐ दुनिया है
फिर सोचती क्यों
जरा थम चैन के सांस ले
ऐ जालिम समा तेरे लिए ही बना है
ऐ चलती हुई
हवाएं तुम्हारे इशारों पर ही नाचता है
फिर हुकुम कर
सारे बिछरे हुए एसांसों को छोड़कर
तुम इस हवां को एहसास कर
कुछ देर प्रकृति में बैठ
और खुद को आराम दे
देख बहारों की खूबसूरती को
देख नदियों के लहरों को
सन हवा के धुन को
ऐ सब तेरे लिए ही यहा है
तुम्हारी बेचैन मन को शांति देने के लिए
तुम्हें एक सुकून से भरी हुई
तितली बनाने के लिए
ऐ बाहरे ऐ मौसम ऐ बारिश के बंदे
ऐ नदिया ऐ हवा ऐ नदिया की किनारे
सब तुम्हारे लिए बना है
ऐ पहाड़ ऐ फूल कलियां
ऐ हरी भरी दुनिया तुम्हारे लिए बना है
तुम महारानी हो
इस जहां की इस प्रकृति की इस हवा की
फिर डर कर कदम पीछे क्यों लेना
जरा थम और शगुन के सांसें ले
और फिर जोश से भर
और अपने जोश से भरी कदम आगे बढ़ा
ऐ जमीन ऐ आसमां तुम्हारे लिए बना है
ऐ चारों जहां तुम्हारे खिदमत के लिए बना है
अगर यह कविता अच्छी लगे तो
आगे पढ़ते रहिए
मैं आपके प्रिय लेखक अभीनिशा❤️🦋💯