Gujarati Quote in Sorry by Pintu Bhatti

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માતૃભાષા
આજે ઘણા ની પોસ્ટ જોય મેં
આનંદ થયો અને થોડો ગુસ્સો પણ
ગુસ્સો શા માટે?
એક દિવસ યાદ કરવાથી શું માતૃભાષા પ્રત્યે પ્રેમ વધશે?

જો જવાબ નાં હોઈ ને તો દોસ્ત
જયારે બધો સરકારી કે પ્રાઇવેટ વહીવટ માતૃભાષા માં થાઈ
જયારે ટેક્નોલોજી નાં ઉપયોગ માતૃભાષા થાઈ
જયારે પશ્ચિમી સંસ્કૃતિ નું આંધળું અનુકરણ છોડીને

જયારે મન થી આઝદી હા ભાઈ...સાચી આઝાદી મળશે ત્યારે ચોક્કસ પ્રેમ વધશે માતૃભાષા પ્રત્યે

બાકી લાગણીઓ ને પીગળાવી કે જુનુન જગાડે એવા મેસેજ થી ખાલી..... સમજી લેજો !!!

Gujarati Sorry by Pintu Bhatti : 111664960
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गांव की ज़िंदगी – सुकून का असली घर
गांव की ज़िंदगी – सुकून का असली घर

सुबह की पहली किरण जैसे ही खेतों पर पड़ती, पूरा गांव सुनहरी रोशनी से जगमगा उठता। पक्षियों की मधुर चहचहाहट, मंदिर की घंटियों की आवाज़ और ठंडी हवा मन को एक अलग ही शांति देती थी।

शहर में रहने वाली अनन्या कई साल बाद अपने दादा-दादी के गांव आई थी। शहर की भागदौड़, ट्रैफिक और मोबाइल की दुनिया में वह खुद को थका हुआ महसूस करती थी। गांव पहुंचते ही उसने देखा—हर चेहरे पर मुस्कान थी, हर घर का दरवाज़ा खुला था और हर इंसान एक-दूसरे का हाल पूछ रहा था।

एक सुबह दादाजी उसे खेतों में ले गए। हरी-भरी फसलें हवा के साथ झूम रही थीं। किसान मेहनत कर रहे थे, लेकिन उनके चेहरों पर संतोष साफ दिखाई दे रहा था।

अनन्या ने पूछा, "दादाजी, यहां लोगों के पास शहर जैसी सुविधाएं तो नहीं हैं, फिर भी ये इतने खुश कैसे हैं?"

दादाजी मुस्कुराए और बोले, "बेटी, खुशी बड़ी-बड़ी इमारतों में नहीं, बल्कि संतोष, अपनापन और प्रकृति के साथ जीने में होती है।"

उस दिन अनन्या ने बच्चों के साथ मिट्टी में खेला, पेड़ों की छांव में बैठकर कहानियां सुनीं, तालाब किनारे सूर्यास्त देखा और रात को खुले आसमान में अनगिनत तारों को निहारा।

जब वापस शहर लौटने का समय आया, तो उसके दिल में एक नई सोच जन्म ले चुकी थी। उसने समझ लिया कि जीवन का असली सुख केवल पैसा कमाने में नहीं, बल्कि अपनों के साथ बिताए गए पलों और प्रकृति के करीब रहने में है।

उसने तय किया कि चाहे वह शहर में रहे, लेकिन गांव की सादगी, प्रेम और शांति को हमेशा अपने जीवन का हिस्सा बनाए रखेगी।

सीख:
"सच्ची खुशी वहीं मिलती है, जहां मन को शांति, रिश्तों में अपनापन और प्रकृति का साथ मिलता है। गांव की सादगी ही जीवन की सबसे बड़ी दौलत है।" 🌿🌾

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