विधि के विधान को नहीं बदला जा सकता
महामृत्युंजय मंत्र देने वाला अपनी पत्नी को नहीं बचा पाया,
प्रेम सिखाने वाला राधा को अपना नहीं बना पाया,
नारी का सम्मान करने वाला अपनी अर्धांगिनी को सम्मान नहीं दिला पाया,
इसलिए कल की चिंता छोड़ दो जो लिखा है वो होकर ही रहेगा।।
✍️ अंतिमा 😊