लोगा न चांद पसंद हैं
मने तेरी गेलिया चालना पसंद है
दिखावे गी दुनिया सु दूर रह के
तन चाहना पसंद है
रुपया पर न जाए
मेरी जान
मने तो सिर्फ़ यो रिश्ता पसंद हैं
रुपया तो भी ज्यादा मने तेरा प्यार पसंद हैं
तू मेरी रानी बनके मेरे गेल रहिये
मैं राजा न हा तो कि होया तन रानी बना
के रखूँ गा दुनियाँ गी बाते सु दूर रहकर
मेरे दिल की मानूंगा
आज नहीं अगले कई जन्मा तक तेरे साथ चलूँगा
शिव पार्वती जिसा अनोखा प्रेम रखू गा.....