1 व्यक्ति सोचता है, मैं कर रहा हूँ ।
मेरे बद ये लोग काम कैसे करेंगे ॥
२ व्यक्ति सोचता है, ये मेरे बिना नही हो सकता है।
पर व्यक्ति उसकी गैरहाजरी मे काम कर लेता है।।
3 व्यक्ति सोचता है, सब को मैंने संभाल रखा है।
पर मेरे बिना भी वो संभल कर चलते है।।
4 व्यक्ति सोचता है, इन को मेरी कमी महसूस होगी ।
पर उनको मेरे होने न होने से कोई फर्क नही पड़ता है। ।
आखिर व्यक्ति भ्रम में रहता है। सब एक है, एकता ही महत्वपूर्ण है। । ।
5 पर सच तो यह है . जब तक इंसान को तुम्हारी जरूरत होती है। जब तक महत्व देता है। तुम्हारी चलती सांस पर क्या ' जब तुम्हारी सांसे रुक जायेगी ' . तब भी व्यक्ति पर कोई फर्क नही पड़ता है बस तुम्हारा इस्तेमाल कर अपना उल्लू सीधा करता है।
अपनी ज़िन्दगी अपने व अपने परिवार के लिए सुरक्षित बनाइये ' ' ।
- Nandini Agarwal Apne Kalam Sein